नमो भारत कॉरिडोर पर कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ेंगी 52 अतिरिक्त ट्रिप्स
अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। 30 जुलाई से श्रावण के पावन मास की शुरूआत हो रही है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार से कांवड़ लाने के लिए यात्रा करते हैं। इसकी वजह से कई मुख्य मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन और निजी गाड़ियों का आवागमन प्रभावित हो जाता है। ऐसे में अनुमान है कि इस दौरान दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या में अत्यधिक बढ़ोतरी हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए, एनसीआरटीसी 30 जुलाई से नमो भारत कॉरिडोर पर एक दिन में 52 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स की शुरूआत कर रहा है।
नमो भारत ट्रेनें वर्तमान में हर 10 मिनट पर यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं। अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स की शुरूआत के साथ अब हर 8 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध होंगी। यह अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स 30 जुलाई से 14 अगस्त के बीच पूरे नमो भारत कॉरिडोर, यानी सराय काले खां से मोदीपुरम स्टेशन के बीच चलाई जाएँगी। आवश्यकता पड़ने पर एनसीआरटीसी द्वारा ट्रेन की फ्रीक्वेंसी को और भी बढ़ाया जा सकता है।
वर्तमान में, औसतन लगभग 1 लाख यात्री दैनिक रूप से नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रा कर रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान इस संख्या में अत्यधिक बढ़ोतरी अनुमानित है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा के लिए एनसीआरटीसी द्वारा यह निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि संपूर्ण कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनों के साथ ही मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो की सुविधा भी उपलब्ध है जो शहर के भीतरी इलाकों में यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करती है।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात पुलिस कई मार्गों पर एक तरफ की सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक देती है या कभी- कभार उसे पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। इससे सड़कों पर भीड़ बढ़ जाती है और सड़क यात्रा बहुत ही अप्रत्याशित एवं चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में नमो भारत अपनी तेज गति, समयबद्धता एवं विश्वसनीयता के कारण इस क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था की जीवनरेखा बनकर उभरती है। इससे दैनिक यात्रियों, छात्रों तथा दफ्तर जाने वाले पेशेवरों को विशेष रूप से लाभ होता है जो बिना किसी परेशानी के सफर को पूरा कर पाते हैं।
सड़कों के बंद होने से कुछ नमो भारत स्टेशनों पर पार्किंग की सुविधा निश्चित समय के लिए बाधित हो सकती है। ऐसी किसी भी स्थिति में एनसीआरटीसी द्वारा जनता को इसकी जानकारी दी जाएगी। दिल्ली में सीआईएसएफ तथा उत्तर प्रदेश में यूपीएसएसएफ के सहयोग से एनसीआरटीसी प्रयास कर रही है कि लोगों को कम-से-कम असुविधा का सामना करना पड़े।
