इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्तियों का फ्रीहोल्ड फिलहाल स्थगित,
जीडीए ने दलालों और बिचौलियों के झांसे में नहीं आने की दी चेतावनी
अथाह संवाददाता,
गाजियाबाद। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की योजनाओं में आने वाली संपत्तियों का फ्रीहोल्ड कराने के नाम पर अगर कोई व्यक्ति आपसे पैसे मांग रहा है तो सावधान हो जाइए। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शासनादेश के तहत नई नीति निर्धारित होने तक इन संपत्तियों के फ्रीहोल्ड और पुनर्विकास से जुड़ी कार्यवाहियां स्थगित हैं। ऐसे में पैसे लेकर फ्रीहोल्ड कराने का दावा करने वाला व्यक्ति भ्रामक जानकारी दे रहा है।
प्राधिकरण के मुताबिक कविनगर, राजनगर, नेहरू नगर, पटेल नगर आंशिक, लोहिया नगर, गांधी नगर, शास्त्री नगर आंशिक, नवयुग मार्केट, राजेंद्र नगर आंशिक, सूर्य नगर, चंद्र नगर और वृज विहार आंशिक समेत इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की विभिन्न योजनाओं की संपत्तियां इस व्यवस्था के दायरे में आती हैं।जीडीए ने संपत्ति धारकों और आवंटियों से अपील की है कि फ्रीहोल्ड या संपत्ति से जुड़ी जानकारी के लिए किसी दलाल, बिचौलिये या अनधिकृत व्यक्ति पर निर्भर न रहें। संबंधित योजनाओं और उपलब्ध जानकारी को प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। संपत्ति धारक अधिकृत कार्यालयीय माध्यमों से ही जानकारी प्राप्त करें।‘पैसे दो, फ्रीहोल्ड करा देंगे’ तो समझिए खतरे की घंटीप्राधिकरण के संज्ञान में ऐसे दावे आने की बात कही गई है, जिनमें कुछ लोग फ्रीहोल्ड कराने अथवा फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री कराने के नाम पर धनराशि लेने या काम कराने का दावा कर सकते हैं।
जीडीए ने साफ किया है कि जब तक नई नीति लागू नहीं होती, किसी व्यक्तिगत संपर्क, सिफारिश, प्रभाव या पैसे के जरिए स्थगित कार्यवाही कराना संभव नहीं है।प्राधिकरण ने लोगों से ऐसे किसी भी व्यक्ति को पैसा नहीं देने की अपील की है, जो जीडीए के अधिकारी-कर्मचारी से अपनी नजदीकी, ऊंची पहुंच या प्रभाव का हवाला देकर फ्रीहोल्ड कराने का भरोसा दिलाए।फ्रीहोल्ड के नाम पर कोई व्यक्ति धनराशि मांगता है या कार्यवाही कराने का आश्वासन देता है तो इसकी सूचना जीडीए की हेल्पलाइन 0120-4418384 पर दी जा सकती है। प्राधिकरण ने कहा है कि शिकायत मिलने पर मामले की आवश्यक जांच और कार्रवाई की जाएगी।नई नीति आने के बाद ही खुलेगा रास्ताजीडीए ने स्पष्ट किया है कि नई नीति अथवा शासनादेश जारी होने के बाद ही फ्रीहोल्ड संबंधी आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसकी जानकारी प्राधिकरण अपने अधिकृत माध्यमों से सार्वजनिक करेगा। तब तक किसी दलाल या बिचौलिए के दावे पर भरोसा करना संपत्ति धारकों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है।
