बदलाव पर मुहर के बावजूद हो रही देरी
प्रदेश महामंत्रियों के साथ ही उपाध्यक्षों में भारी बदलाव
प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह पहले ही कह चुके हैं वे प्रदेश टीम में रहने के इच्छुक नहीं
अथाह ब्यूरो
लखनऊ। लंबे समय से प्रदेश भाजपा कमेटी अर्थात टीम पंकज चौधरी का इंतजार कर रहे प्रदेशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं का इंतजार बढ़ गया लगता है। टीम तैयार है इंतजार है तो बस घोषणा का। अब यह संकेत मिल रहे हैं कि अगले दो से चार दिनों के भीतर टीम पंकज की घोषणा हो जायेगी। प्रदेश टीम में बड़े बदलावों के साथ ही सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों के बदलने पर भी मुहर लग चुकी है।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो टीम पंकज चौधरी में एक- दो को छोड़कर सभी महामंत्री बदले जा रहे हैं, जबकि प्रदेश उपाध्यक्षों में करीब आधा दर्जन अपने पद बचाने में सफल होते प्रतीत हो रहे हैं, हालांकि प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोएडा विधायक पंकज सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वे इस बार प्रदेश टीम में रहने के इच्छुक नहीं है।
बता दें कि दिसंबर 2025 से भाजपा की प्रदेश टीम बनाने के लिए बैठकों का दौर चल रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से कई दौर की बैठकें हुई, लेकिन आपसी खींचतान एवं जातीय समीकरणों के उलझने से लंबे समय तक प्रदेश इकाई एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों के नाम तय नहीं हो पाए। यह भी तय माना जा रहा है कि प्रदेश एवं क्षेत्र के वर्तमान पदाधिकारियों को नये दायित्व मिल सकते हैं।
पिछले दिनों दिल्ली में मैराथन मंथन किया गया, जिसके बाद सूची पर अंतिम मुहर दिल्ली ने लगा दी है। लेकिन टीम की घोषणा की कोई तारीख नहीं रखी गई।
क्षेत्रीय अध्यक्षों के जातीय समीकरणों में बड़ा बदलाव
सूत्रों की मानें तो प्रदेश के सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदला जायेगा, इनमें कुछ को प्रदेश टीम में स्थान मिल सकता है, जिनको स्थान मिलेगा उनका ट्रेक रिकार्ड अच्छा होना चाहिये। इसके साथ ही प्रदेश मंत्रियों में से करीब आधे लोगों की पदोन्नति संभावित है। क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भी पार्टी ने कई पहलुओं पर काम किया है। इसके तहत पश्चिम, ब्रज एवं कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में जातीय कार्ड बदलने की तैयारी है, जबकि अवध, गोरखपुर एवं काशी क्षेत्र में जातीय समीकरण पूर्ववत रखते हुए चेहरे बदलने की चर्चा है। पश्चिम के संबंध में कयास लगाये जा रहे हैं कि यहां पर गुर्जर कार्ड खेला जायेगा, जबकि सूत्र बताते हैं कि पश्चिम के क्षेत्रीय अध्यक्ष पर चौंकाने वाला नाम हो सकता है जिसकी जाति को लेकर सभी ने चुप्पी साधी हुई है।
