समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण प्रत्याशित पूरा होने के निर्देश

अथाह संवाददाता,
गाजियाबाद । विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने तेजी से प्रगति पर चल रहे संस्कृत दर्शन पार्क के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभियंत्रण अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ पार्क के थीम-आधारित संरचनाओं, लैंडस्केपिंग, पाथवे, प्रकाश व्यवस्था तथा जल संरचनाओं सहित सभी प्रमुख विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
उपाध्यक्ष ने निर्माण गुणवत्ता और प्रगति से संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक घटक में उच्च गुणवत्ता मानक लागू किए जाएं और सौंदर्यीकरण तथा जनसुविधाओं—विशेषकर हरित क्षेत्र, स्वच्छता, सुरक्षा प्रबंध और आगंतुक सुविधाओं—पर विशेष ध्यान दिया जाए।जीडीए द्वारा लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा यह पार्क भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा तथा संस्कृत भाषा के गौरवशाली इतिहास को समर्पित है।

परियोजना का निर्माण अगस्त 2025 में शुरू हुआ था और प्राधिकरण ने इसे जून 2026 तक पूरा कर जनता के समर्पित करने का लक्ष्य रखा है। पार्क में संस्कृत श्लोक, वेद-उपनिषद व महाकाव्यों से संबंधित थीम आधारित कलात्मक संरचनाएँ, प्रदर्शनियाँ, फाउंटेन, ओपन एयर गतिविधि क्षेत्र और आधुनिक बैठने की व्यवस्था बनाई जा रही हैं, ताकि यह केवल उद्यान न होकर ज्ञान और संस्कृति का जीवंत केंद्र बन सके।उपाध्यक्ष ने कहा कि संस्कृत दर्शन पार्क गाजियाबाद की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई देगा तथा युवाओं को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अभियंत्रण टीम को नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय के माध्यम से कार्यों की गति बनाए रखने तथा किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन का शीघ्र निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना समय पर सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके।
