ग्राम्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लाई जाए तेजी, कार्य धरातल पर दिखें: केशव प्रसाद मौर्य
ग्राम चौपाल से लेकर आवास योजना तक, हर कार्य में हो त्वरित कार्रवाई
भुगतान, आवास योजना व दीदियों के प्रशिक्षण पर उप मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
ग्रामीण विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें
गांव की गलियां ग्रामीणों का हाईवे, जलनिकासी व अवस्थापना सुविधाएं हों मजबूत
ग्राम्य विकास विभाग की योजनाएं तेजी से धरातल पर उतारें अधिकारी -केशव प्रसाद मौर्य
अथाह ब्यूरो
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के उच्चाधिकारियो को निर्देश दिये है कि ग्राम्य विकास विभाग की सभी कार्य योजना पर ठोस, प्रभावी व त्वरित गति से कार्यवाही की जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन मे तेजी लायी जाय। कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए। योजनाओं को अमलीजामा पहनाने मे कोई कोर कसर बाकी न रखी जाय। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव व गरीब का विकास करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गांव मे जलनिकासी के पुख्ता प्रबन्ध किये जांय। गांवो की गलिया ग्रामीणों का हाइवे है, उन्हे व्यवस्थित व ठीक रखा जाय, गांवो मे अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया जाय। मौर्य शुक्रवार को अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक मे ग्राम्य विकास विभाग के कार्याे की समीक्षा कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय एक सप्ताह के भीतर वितरित किया जाना सुनिश्चित किया जाए। संचालित वृक्षारोपण कार्य के अंतर्गत रोपित पौधों की सुरक्षा हेतु भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत अमृत सरोवरों पर ध्वजारोपण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के आवासों की स्वीकृति अतिशीघ्र सुनिश्चित की जाए। अधिकाधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का एस.आई.आर.डी. के माध्यम से प्रशिक्षण सुनिश्चित कराया जाए। ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं हेतु महिला उद्यमी केन्द्रों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए।उन्होने निर्देश दिये कि जो भुगतान अवशेष हों, उनको प्राथमिकता के आधार पर भुगतान की कार्रवाई बजट के अनुरूप नियमानुसार किया जाय। निर्देश दिये कि ग्राम्य विकास संस्थान में पूरी क्षमता के अनुरूप निर्धारित ट्रेनिंग कैलेण्डर के अनुरूप ट्रेनिंग दी जाय।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ग्राम चौपालों को पूरे व्यवस्थित तरीके से ठोस व प्रभावी रणनीति बनाकर प्रभावी तरीके से आयोजित की जांय, इसके लिए अलग से दिशा निर्देश जारी किये जांए तथा प्राप्त प्रकरणो का निस्तारण समय से किया जाए। चौपालों के रोस्टर की कॉपी जनप्रतिनिधियों को हर हाल मे दी जाय। ग्राम चौपाल समाधान दिवस की तर्ज पर आयोजित किया जांय।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये ग्राम्य विकास विभाग में विभिन्न जांचो के जो प्रकरण लम्बित हैं, उनको तुरंत निस्तारित किया जाय,। अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातो को पूरी गम्भीरता से सुने, निस्तारण योग्य प्रकरणो का निस्तारण करे, जो प्रकरण उनके स्तर से निस्तारित नही हो सकते, उसके बारे मे जनप्रतिनिधियो को संतुष्ट करते हुये अवगत कराया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन नये समूहो के गठन की कार्रवाई तेज करें और निष्क्रिय समूहों को तत्काल सक्रिय करने की प्रभावी कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित किया जाय महिला सामर्थ योजना के तहत कार्यों में और तेजी लाई जाय।
केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश में 03 करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से आच्छादित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समूहों के गठन में तेजी लाने व निष्क्रिय समूहों को सक्रिय किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि विकसित भारत- जी राम जी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित सभी पात्र परिवारों को शत-प्रतिशत स्वयं सहायता समूहों से जोड़ते हुए संतृप्तीकरण अभियान में अपेक्षित तेजी लाई जाए।
मिशन अंतर्गत समस्त निधि अंतरण केवल आॅनलाइन माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़े तथा किसी प्रकार की लीकेज की संभावना न रहे। 31 मार्च, 2026 के उपरांत आॅफलाइन माध्यम से निधि अंतरण पाए जाने से संबंधित उत्तरदायी अधिकारियों/कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली पर अभी तक मात्र लगभग 15,000 कैडरों का आॅनबोर्डिंग किया गया है। कहा कि प्रत्येक माह कम से कम 01 लाख कैडरों का जनपदवार आॅनबोर्डिंग सुनिश्चित करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएँ। पूर्व से कार्यरत समस्त कैडरों का आॅनलाइन आॅनबोर्डिंग मिशन स्तर से समयबद्ध रूप से पूर्ण करते हुए आनबोर्डिंग के लक्ष्य को हासिल किया जाये। राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (ैप्त्क्) से संबंधित लंबित प्रशिक्षण भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए मिशन के अधिकारियों/कार्मिकों के निकट संबंधियों की मिशन से जुड़ी संस्थाओं में नियुक्ति के संबंध में स्पष्ट नीति दिशा-निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया तैयार किया जाए।
निर्देश दिए कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में कार्यरत तकनीकी सहायता संस्थाओ द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप दायित्वों का प्रभावी निर्वहन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। 06 अगस्त, 2026 के उपरांत पुन: विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित कर इन तकनीकी सहायता संस्थाओं के कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाए।
निर्देश दिए कि मिशन अंतर्गत गठित दुग्ध उत्पादक कंपनियों में शेयरधारकों की संख्या बढ़ाने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
साथ ही पशुपालन विभाग/एन.डी.डी.बी. अथवा अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ अभिसरण स्थापित कर महिलाओं की आय में वृद्धि हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए तथा इस संबंध में मिशन की तकनिकी सपोर्ट एजेंसी एवं दुग्ध उत्पादक कंपनियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाए। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित चारा एवं पशु आहार की खरीद की समुचित कार्यवाही की जाय। समूह की महिलाओं को कंपनी से जोड़ने एवं उनके उत्पादों के विपणन हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। वित्तीय वर्ष 2026-27 में छत्स्ड मद के अंतर्गत व्यय की प्रगति बढ़ाने व जनपदवार समीक्षा करते हुए व्यय की प्रगति में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित की जाए। प्रदेश के 18 मंडलों में वृहद सरस मेले का आयोजन सितंबर, अक्टूबर एवं नवंबर, 2026 के दौरान किए जाने हेतु विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। मुख्यालय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण विभाग से अभिसरण स्थापित करने हेतु एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जिससे च्डथ्डम्, सोलर सब्सिडी एवं अन्य उपलब्ध योजनाओं का लाभ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अरूण कुमार, यूपी आर आर डी ए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिव सहाय अवस्थी, विशेष सचिव ग्राम्य विकास विभाग जयनाथ यादव, संयुक्त मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन प्रवीणानन्द सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
