आरडीसी राजनगर को जाम मुक्त करने को जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरुण की अध्यक्षता में बैठक
जीडीए में हुई बैठक में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, प्राधिकरण उपाध्यक्ष समेत अन्य अधिकारी रहें मौजूद
अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री एवं गाजियाबाद के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने कहा कि राजनगर स्थित आरडीसी को इस प्रकार विकसित किया जाये जिससे किसी को असुविधा न हो तथा यातायात जाम की स्थिति समाप्त हो।
असीम अरुण शनिवार की शाम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण सभागार में आरडीसी की स्थिति को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने आरडीसी राजनगर क्षेत्र को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल समेत जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आरडीसी राजनगर के बीचों-बीच स्थित मुख्य सड़क (गौड़ मॉल रोड) से जुड़ी समस्याओं पर विशेष चर्चा की गई। लगभग छह वर्ष पूर्व इस सड़क को बंद कर स्ट्रीट वेंडिंग एवं अन्य गतिविधियों की योजना बनाई गई थी, जो अब तक सुचारू रूप से लागू नहीं हो सकी। इसके कारण स्थानीय नागरिकों को आवागमन, पार्किंग और यातायात में लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
इस पर संज्ञान लेते हुए मंत्री असीम अरुण ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुविधा को केंद्र में रखकर नई और व्यावहारिक योजना तैयार की जाए, जिससे इस क्षेत्र को शहर के बीचों-बीच एक सुव्यवस्थित, सुंदर और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि शहर के मध्य स्थित आरडीसी राजनगर क्षेत्र को इस तरह विकसित किया जाना चाहिए कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आवागमन, पार्किंग, स्ट्रीट वेंडिंग और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुव्यवस्थित होनी चाहिए। हमारा उद्देश्य विकास के साथ-साथ शहर को सुंदर और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है।
असीम अरुण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहनों के आवागमन को सुचारू बनाया जाए, पार्किंग की बेहतर और वैज्ञानिक व्यवस्था की जाए, स्ट्रीट वेंडिंग को नियोजित ढंग से विकसित किया जाए तथा पुलिस, फायर और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही क्षेत्र में सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित विभाग स्थल निरीक्षण कर स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से संवाद करेंगे और एक सप्ताह के भीतर एक समग्र कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करेंगे, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

