प्रवर्तन जोन-1 में नहीं रुक रही अवैध प्लॉटिंग
अथाह संवाददाता,
गाजियाबाद । गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष के निर्देश पर जहां एक ओर प्राधिकरण की टीमें लगातार विभिन्न जोनों में अवैध निर्माण और अनाधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रही हैं, वहीं प्रवर्तन जोन-1 में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर चल रही अवैध प्लॉटिंग पर कोई ठोस कदम न उठाए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार राजनगर एक्सटेंशन के पास कालोनाइजर सुनील चौधरी द्वारा कई बीघा कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही है। आरोप है कि करीब 50 बीघा से अधिक कृषि भूमि को नियमों के विपरीत विकसित कर 60 से 75 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। अवैध कॉलोनी की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।जबकि अन्य जोनों में जीडीए द्वारा बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा रहे हैं, वहीं प्रवर्तन जोन-1 में कथित रसूखदारों के खिलाफ नरमी बरते जाने की चर्चा आम है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध कॉलोनियों पर समान रूप से कानून का शिकंजा कसा जा सके।आपको बतादें राजनगर एक्सटेंशन के समीप गांव नूरनगर की किसानों की कई एकड़ भूमि कालोनाइजर सुनील चौधरी ने खरीद ली। बताते हैं बिना ले आउट,मानचित्र स्वीकृति कराए उक्त भूमि पर प्लॉटिंग शुरू कर दी। आम लोगों की शिकायत पर पूर्व जीडीए वी सी अतुल वत्स ने अनाधिकृत रूप से विकसित की जा रही कालोनी के ऑफिस बाउंड्रीबाल आदि ध्वस्त कर दिए। लेकिन इसी बीच उनका तबादला हो गया। स्थानांतरण के बाद कालोनाइजर ने एक बार फिर पांव फैलाए और जीडीए मानकों को ताक पर रखकर प्लॉटिंग शुरू कर दी यही नहीं ऊर्जा निगम से सांठ गांठ कर अवैध कालोनी में विद्युतीकरण भी करा लिया।
बालाजी एन्क्लेब के नाम से विकसित की जा रही अवैध कालोनी की खबर दैनिक अथाह ने प्रकाशित की लेकिन जीडीए अधिकारियो के कानों पर जूं नहीं रेंगी। सवाल उठना लाजिमी है कि जीडीए अधिकारी जब अन्य प्रवर्तन जोन में अवैध कालोनियों को ध्वस्त कर रहा है तो जोन एक की बालाजी एन्क्लेब अवैध कालोनी पर किसकी मेहरबानी से कार्रवाई नहीं।इस मामले में जीडीए के सहायक अभियंता रुद्रेश शुक्ला से बात की गई तो उनका कहना था पूर्व में एक बार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। मामला संज्ञान में आया है जांच कर अनाधिकृत रूप से विकसित की जा रही कालोनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना है कि जीडीए का पीला पंजा अवैध कालोनी पर कब चलता है।


