- गुरु गोरखनाथ मंदिर पहुंचे श्रृंगेरी मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई भव्य अगवानी
- गोरखपुर की सीमा जीरो प्वाइंट से लेकर गोरखनाथ मंदिर तक वैदिक मंत्रोच्चार और फूल बरसाकर स्वागत किया गया जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम का
- गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में स्थापित मूर्तियों, गोरखवाणी का अवलोकन का भाव विभोर हुए शंकराचार्य
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गोरखपुर। श्रृंगेरी मठ (शारदा पीठ) के जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री भारती तीर्थ महासन्निधानम के मंगलमय आशीर्वाद और दिव्य आदेश से जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम मंगलवार शाम को गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर आगमन पर शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका दिव्य अभिनंदन किया गया। इसके पहले शंकराचार्य जी की विजय यात्रा का सहजनवा स्थित जनपद की सीमा से गोरखनाथ मंदिर तक फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया गया। शंकराचार्य जी, गोरक्षधरा पर हुए इस अभूतपूर्व स्वागत से अभिभूत नजर आए।
जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम जी की विजय यात्रा (11 से 13 फरवरी) मंगलवार को श्रीअयोध्याधाम से प्रारंभ हुई। शाम करीब पांच बजे गोरखपुर जनपद की सीमा (जीरो प्वाइंट) में यात्रा के प्रवेश करते ही श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के 51 वेदपाठी छात्रों ने आचार्य डॉ. रंगनाथ के नेतृत्व में शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार/मंगलाचरण के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य जी का अभिनंदन किया। इसके बाद सहजनवा में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने शंकराचार्य जी का फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। सहजनवा से लेकर गोरखनाथ मंदिर तक जगह-जगह समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने देश के शीर्षस्थ धर्माचार्यों में सम्मिलित जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम जी का अभूतपूर्व अभिनंदन किया। शंकराचार्य जी के अभिनंदन और अभिवादन का दृश्य हर स्वागत स्थल पर नयनाभिराम रहा। स्वागत के लिए बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने उन पर फूल बरसाए तो कलाकारों ने भजन सरिता बहाई। उनके स्वागत का रूट होर्डिंग्स से पटा पड़ा था।
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गोरखनाथ मंदिर पहुंचते ही परिसर में जगद्गुरु शंकराचार्य का मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने उनकी अगवानी की। इसके बाद श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के वेदपाठी विद्यार्थियों ने शंखध्वनि के बीच मंत्रोच्चार कर शंकराचार्य जी का अभिनंदन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य विधुशेखर भारती सन्निधानम मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में पधारे। यहां श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के प्राचार्य डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने सपत्नीक शंकराचार्य जी की चरण पादुका का विधिविधान से पूजन किया और आरती उतारी। इसके बाद शंकराचार्य जी ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में स्थापित देवी-देवताओं, संतों, महापुरुषों, मूर्तियों और चित्रों और उनके सम्मुख लिखित विचारों का अवलोकन किया। भवन की दीवारों पर उल्लिखित गोरखवाणी के पदों को गहनता से आलोकित करते तथा उन्हें पढ़ते हुए शंकराचार्य जी काफी भाव विभोर दिखे।
सहजनवा से लेकर गोरखनाथ मंदिर तक जगद्गुरु शंकराचार्य का स्वागत करने वालों में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, अच्युतानंद शाही, मनोज अग्रहरि, सिद्धांतो घोष, रणविजय शाही, दयानंद शर्मा, गौरव तिवारी, वीरेंद्र नाथ पांडेय, ओमप्रकाश शर्मा, इंद्रमणि उपाध्याय, देवेश श्रीवास्तव, शशिकांत सिंह आदि प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे।
*इन स्थानों पर हुआ शंकराचार्य का भव्य स्वागत*सहजनवा, नौसढ़, टीपीनगर, टीडीएम तिराहा, भगत सिंह चौराहा, शास्त्री चौक, कचहरी चौराहा, गणेश चौक, यातायात तिराहा, धर्मशाला चौराहा, झूलेलाल मंदिर, गोरखनाथ मंदिर गेट।