Dainik Athah

पटाखा गोदामों पर छापा मारने गई गाजियाबाद पुलिस टीम पर हमला, दो जवान घायल

अथाह संवाददाता
गाजियाबाद।
गाजियाबाद जिले के फर्रूखनगर में शनिवार रात पटाखा गोदामों पर छापा मारने गई पुलिस टीम पर हमला हो गया। कार्रवाई के विरोध में वहां मौजूद लोगों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इस हमले में मुख्य आरक्षी राजीव कुमार और आरक्षी हेमंत शर्मा घायल हुए हैं।

पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़
वहीं, वहां पर मौजूद लोगों ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ भी। इसके बाद सूचना पर मौके पहुंचे अतिरिक्त पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा गाजियाबाद पुलिस ने 50 से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मौके से भारी मात्रा में पटाखा व आतिशबाजी के सामान बरामद हुए हैं।

इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
आजाद, आरिफ, दिलशाद, जमशेद, शाहिद, परवेज, इस्माइल, शेरखान, मोहम्मद साजिद, इरफान, मुस्तकीम, अरमान व समीम।

अवैध पटाखे बनाने के लिए बदनाम है फर्रूखनगर
बता दें कि फर्रूखनगर में बड़े स्तर पर अवैध रूप से पटाखा व आतिशबाजी के सामान बनाए जाते हैं। इस कारण यहां दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। वर्ष-2017 में पटाखा गोदाम में धमाका होने से मालिक सहित पांच लोगों की जान चली गई थी। उसके बाद प्रशासन ने यहां छापेमारी करके अवैध रूप से पटाखा बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उसका कोई खास असर नहीं हुआ। उसके बाद के सालों में भी यहां बड़ी मात्रा में पटाखों की खेप पकड़ी गई।

दिल्ली-एनसीआर के जिलों में होती है खपत
यहां लोग खुद ही पटाखा व आतिशबाजी का सामान बनाते हैं। इसमें उनका कम खर्च आता है। ब्रांडेड पटाखों से काफी कम दाम में उसे बेचते हैं। इस कारण यहां के पटाखों की बिक्री दिल्ली-एनसीआर में होती है। लोग शादी व अन्य समारोह के लिए यहां से पटाखा खरीदकर ले जाते हैं।

प्रतिबंध का भी नहीं असर
प्रतिबंध के बावजूद दीवाली पर दिल्ली-एनसीआर में खूब पटाखे फोड़े जाते हैं और जमकर आतिशबाजी होती है। इस समय यहां पटाखों की खपत बढ़ जाती है। इसी का नतीजा है कि यहां पटाखा बिकना शुरू हो गया है। जैसे – जैसे दीवाली नजदीक आती जाएगी बिक्री बढ़ती जाएगी।

पटाखों के बीच रहता है परिवार
यहां लोग घरों में भी पटाखा व आतिशबाजी के सामान का भंडारण करते हैं। उसमें परिवार के साथ रहते भी हैं। तमाम लोग आबादी के बीच गोदाम बना रखा है। गत वर्षों में यहां घरों व गोदाम में पकड़ी गई पटाखों की खेप से इसकी पुष्टि हो रही है। यहां रहने वाले अन्य लोग हादसे को लेकर डरे रहते हैं।

बोरे में भरकर करते हैं पटाखे की कालेबाजारी
आंकड़ों की मानें तो यहां अवैध रूप से पटाखा व आतिशबाजी के सामान बेचने वाले लोग बहुत ही शातिर हैं। वह बोरे व गत्तों में पटाखा व आतिशबाजी का सामान भरकर निकलते हैं। उसे खेत व झाड़ियों में रखकर बेचते हैं। कारों से अन्य स्थान पर आपूर्ति करते हैं। कार व बाइक की डिग्गी में रखकर ग्राहक को थोड़ी दूरी पर जाकर पटाखा व आतिशबाजी का सामान बेचकर आते हैं।

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