Dainik Athah

क्षेत्रीय अध्यक्ष पद के लिए केंद्र और प्रदेश के पूर्व मंत्री भी कर रहे लॉबिंग

अध्यक्ष पद खाली होगा या नहीं, तय नहीं लेकिन बड़े बड़े नाम लग गये गये दौड़ में

संसद- विधानसभा सत्र के बाद हो सकता है निर्णय

कुछ पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं एमएलसी भी बनना चाह रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष


अथाह ब्यूरो
लखनऊ/ गाजियाबाद।
भारतीय जनता पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष का चुनाव होने के बावजूद अभी तक राष्टÑीय टीम का गठन नहीं हुआ, लेकिन भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश (क्षेत्रीय) अध्यक्ष पद के लिए उठा पटक शुरू हो गई है। आश्चर्य जनक रूप से इस बार क्षेत्रीय अध्यक्ष के लिए केंद्र एवं प्रदेश के मंत्रिमंडल की शोभा बढ़ा चुके बड़े चेहरे भी इस पद के लिए जोड़ तोड़ में लग चुके हैं। जबकि यह अभी तक तय ही नहीं है कि क्या क्षेत्रीय अध्यक्ष को बदला जायेगा।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष पद पर इस समय सत्येंद्र सिसौदिया नियुक्त है। सिसौदिया की गिनती उन नेताओं में होती है जो सबको साथ लेकर चलते हैं। इसके साथ ही भाई भतीजावाद से दूर रहते हैं। यदि देखा जाये तो पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके चाहने वालों की संख्या अच्छी खासी है। इतना ही नहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक उनके संबंध बेहतर बताये जा रहे हैं। अब जबकि राष्टÑ एवं प्रदेश में नये पदाधिकारी बनाये जाने हैं ऐसे में क्षेत्रीय अध्यक्ष पद को लेकर नेताओं ने गणित बैठाना शुरू कर दिया है।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों पर भरोसा करें तो इस बार क्षेत्रीय अध्यक्ष की दौड़ में जो नाम है वे चौंकाने वाले हैं। केंद्र व प्रदेश सरकारों में मंत्री रह चुके नेता भी इस पद को हथियाकर क्षेत्रीय क्षत्रप बनने का ख्वाब पाले हुए हैं। जरा गौर करें तो मुजफ्फरनगर से इस बार सांसद का चुनाव हार चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान क्षेत्रीय अध्यक्ष पद बनना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके सुरेश राणा की नजर भी इस महत्वपूर्ण पद पर लगी है। इतना ही नहीं पूर्व में क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके एवं वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल भी एक बार फिर इस पद पर आना चाहते हैं। सूत्रों की मानें तो विधान मंडल के पिछले सत्र के दौरान पश्चिम के विधायकों की तरफ से नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष का लखनऊ के पांच सितारा होटल में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस आयोजन के पर्दे के पीछे बेनीवाल को ही बताया गया था।
इनके साथ ही एक नाम विधान परिषद सदस्य अश्वनी त्यागी, प्रदेश मंत्री बसंत त्यागी, क्षेत्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र चौधरी के भी है। इसके साथ ही कई अन्य नाम भी शामिल है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार प्रदेश एवं केंद्र में भाजपा सरकार होने के कारण इस पद को अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जो नेता चुनाव नहीं जीत सके वे भी चाहते हैं कि कुछ और नहीं तो इसी पद पर काबिज हो जायें। लेकिन यदि कार्यकर्ताओं की बात करें तो वे चाहते हैं सुलभ रूप से उपलब्ध अध्यक्ष ही उन्हें चाहिये। यदि संजीव बालियान एवं सुरेश राणा की बात करें तो उनकी सुरक्षा ही इतनी है तथा वे इतने बड़े नेता हो चुके हैं कि हर कार्यकर्ता की उन तक पहुंच मुश्किल हो जायेगी। अब देखना यह है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय अध्यक्ष का ताज किसके सिर बंधता है या फिर नेतृत्व वर्तमान अध्यक्ष सत्येंद्र सिसौदिया पर भी भरोसा जताता है।


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