Dainik Athah

‘किसानों’ पर वार भाजपा सरकार दे जवाब दे, क्या दबाव है: अखिलेश यादव



अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने फिर किया ‘किसानों’ पर वार भाजपा सरकार दे जवाब दे, क्या दबाव है। उन्होंने कहा कि भारत के बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों व खाद्यान्नों के लिए खोल देना, हमारे देश की खेती-किसानी पर रोजी-बसर करने वाली 70 फीसदी आबादी के साथ धोखा है।
उन्होंने कहा कि भाजपाई और उनके संगी-साथी आजादी से पहले भी विदेशियों के एजेंट थे, आज भी हैं। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की बात करने वाले भाजपाई और उनके संगी-साथी जनता के बीच जाकर बताएं कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के साथ धोखा करने के लिए कितना कमीशन खाया है। इससे केवल किसान ही नहीं, निम्न मध्यवर्ग और मध्यम वर्ग भी बुरी तरह प्रभावित होगा क्योंकि इससे खाद्यान्न और कृषि उत्पादों की मुनाफाखोरी व बिचौलियों की एक नयी जमात पैदा हो जाएगी, जिसकी वजह से खाने-पीने की सब चीजें और भी महंगी हो जाएंगी। साथ ही भाजपा इन कंपनियों से चंदा वसूली भी करेगी, जिससे खाद्य व कृषि उत्पाद और भी ज्यादा महंगे हो जाएंगे।
यादव ने कहा इससे धीरे-धीरे हमारे किसानों की खेतीबाड़ी और आय कम हो जाएगी और वो मजबूर होकर अपनी जमीन अमीरों व कारपोरेट को बेचने पर मजबूर हो जाएंगे। जमीनों पर कब्जा करना ही भाजपाई और उनके संगी-साथियों का आखिरी मकसद है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय खेती के लिए घातक ‘सीड बिल’ उसी कृषि और किसान विरोधी भाजपा सरकार की दिमागी उपज है जो भूअधिग्रहण और काले-कानून लाई थी। जो हर साल खाद की लाइन में लोगों को लगाकर उनको अपमानित करती है। ?ये भाजपाई पहले बीज कंपनियों से कमीशन खाएंगे फिर? पेस्टीसाइड कंपनियों से,? फिर महाभंडारण के लिए बनने वाले साइलो की कंपनियों से, फिर फसल बीमा कंपनियों से, फिर कम कीमत तय करते समय, फिर फसल की खरीद-फरोख्त करने वाले बिचौलियों से, भारतीय वातावरण में ऐसे सीड से खेती-किसानी पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।
इसका संगठित रूप से पुरजोर विरोध होना चाहिए। एमआरपी और छुट्टा मवेशियों से परेशान किसान अब भाजपा सरकार की ज्यादतियों को और नहीं सहेगा।
यादव ने कहा कि? ये भाजपाई खेती-किसानी को बर्बाद करने के लिए सब कुछ करेंगे क्योंकि ये वो लोग हैं जो जमीन के उत्खनन से लेकर खनन व उसकी पैदावार, सब पर गिद्ध निगाह रखते हैं और साल-दर-साल किसी न किसी रूप में किसानों पर वार करते हैं। भाजपा किसान विरोधी थी, है और रहेगी। भाजपा हटाओ और खेत, किसानी, किसान बचाओ।


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