Dainik Athah

सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में अहम भूमिका निभाएं महिलाएं- राज्यपाल

आईटीएस कॉलेज में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 181 आंगनवाड़ी केंद्रों को बांटी किट

अनेक योजनाओं का लाभार्थियों तक पहुंचाया लाभ 

अथाह संवाददाता
गाजियाबाद।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने आज महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के उत्थान एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से आज जनपद का सघन भ्रमण करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया गया। अपने भ्रमण के दौरान राज्यपाल मोहन नगर के आईटीएस इंजीनियर कॉलेज में पहुंची। जहां पर उन्होंने जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ बनाने एवं सुविधा संपन्न बनाने के उद्देश्य से 181 आंगनवाड़ी केंद्रों को किट का वितरण किया गया। 

यहां पर उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। राज्यपाल की प्रेरणा से एकेटीयू विश्वविद्यालय एवं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम आईटीएस मोहन नगर में राज्यपाल द्वारा 1054 स्वयं सहायता समूह को वित्तीय सहायता प्रदान की गई जिसमें से 500 से ज्यादा समूहों को स्टार्टअप दिया गया और 356 स्वयं सहायता समूह को रिवाल्विंग फंड दिया गया। साथ ही 198 स्वयं सहायता समूह को सीआईएफ दिया गया।

रिवाल्विंग फंड के अंतर्गत प्रत्येक समूह को रुपए 15 हजार, सीआईएफ के अंतर्गत 1 लाख 10 हजार की धनराशि प्रदान की जाती है तथा स्टार्टअप के अंतर्गत 2500 रुपए की धनराशि स्वयं सहायता समूह को राज्यपाल के कर कमलों द्वारा प्रदान की गई।

आज कार्यक्रम के उपलक्ष पर 1054 स्वयं सहायता समूहों के लगभग 11 हजार सदस्यों को 02 करोड़ 83 लाख 70 हजार के चेक वितरित कर वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

राज्यपाल ने आयोजित कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने एवं उनके आर्थिक उन्नति के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से महिलाओं का निरंतर विकास संभव हो रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह महिलाओं के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है।

उन्होंने इस अवसर पर सामाजिक कुरीतियों को मिटाने में महिलाओं की शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि दहेज प्रथा जैसी कुरीति को मिटाने में महिलाओं का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है और इसके लिए उन्हें आगे आकर कार्य करना चाहिए ताकि समाज से दहेज प्रथा जैसी कुरीति समाप्त हो सके। उन्होंने इस अवसर पर सभी महिलाओं का यह भी आह्वान किया कि सभी महिलाएं अपने बच्चों को पढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दें और बालिकाओं को पढ़ाने के लिए सभी महिलाएं विशेष प्रयास सुनिश्चित करें ताकि महिला सशक्तिकरण और अधिक तेजी से आगे बढ़ सके।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने 30 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड भी वितरण किए। जिसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों को 1 वर्ष में 5 लाख तक की निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिन संस्थाओं के द्वारा आगे आकर कार्य किया गया है और टीबी के मरीजों को चिन्हित करने उन्हें इलाज संभव कराने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग प्रदान किया गया है ऐसी 6 संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र देकर माननीय राज्यपाल के द्वारा सम्मानित किया गया।

राज्यपाल द्वारा जिन इंजीनियर कॉलेजों के द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों के सफल संचालन के उद्देश्य से किट उपलब्ध कराई गई हैं और पोषण मिशन कार्यक्रम में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है सभी संस्थाओं के संचालकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए सम्मानित भी किया गया।

 इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अस्मिता लाल को महिला सशक्तिकरण के लिए “जानो खेलो जीतो” कार्यक्रम के लिए राज्यपाल के कर कमलों द्वारा प्रशस्ति प्रदान प्रदान करते हुए सम्मानित किया गया।

 राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री एवं सांसद जनरल वीके सिंह, महापौर आशा शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्षा ममता त्यागी, एकेटीयू के कुलपति प्रोफेसर विनीत कंसल, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र कुमार तनेजा, जिला अधिकारी राकेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार, योजना निदेशक डीआरडीए पी एन दीक्षित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भवतोष शंखधर, अपर जिला अधिकारी नगर विपिन कुमार सिंह तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी गण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *