Dainik Athah

एनडीआरएफ ऐसा दल है जो संकट में हर भारतीय के साथ खड़ा है: स्वामी दीपांकर

– आठवीं बटालियन एनडीआरएफ में आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव का आयोजन
– पर्यावरण को सुरक्षित रख कर ही आपदाओं में कमी ला सकते हैं: प्रवीण कुमार तिवारी
– यूएन (ईपी) फेथ फॉर अर्थ काउंसलर स्वामी दीपंकर की उपस्थिति में अमृत महोत्सव के तौर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। यूएन (ईपी) फेथ फॉर अर्थ काउंसलर स्वामी दीपंकर ने कहा कि एनआरएफ ऐसा दल है जो संकट के समय हर भारतीय के साथ खड़ा है। वहीं, एनडीआरएफ आठवीं बटालियन के कमांडेंट प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा पर्यावरण को सुरक्षित रखकर आपदाओं में कमी लाई जा सकती है।
स्वामी दीपांकर गाजियाबाद के कमला नेहरु नगर स्थित आठवीं बटालियन एनडीआरएफ कैंपस में देश की आजादी के 75वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर वर्ष 2021 के वृक्षारोपण कार्यक्रम को और आगे बढ़ाया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधे लगाए गए।


स्वामी दीपंकर का स्वागत एनडीआरएफ कमांडेंट प्रवीण कुमार तिवारी ने एनडीआरएफ पुरुष एंव महिला रेस्क्युर्स के साथ किया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति प्रेम भाव का संदेश देना है। इस मौके पर कमांडेंट प्रवीण कुमार तिवारी के अतिरिक्त डॉ सुनील गुप्ता उपस्थित रहे। स्वामी दीपंकर ने एनडीआरएफ जवानों साथ मिलकर वृक्षारोपण किया।उन्होंने एनडीआरएफ द्वारा अमृत महोत्सव पर बड़े स्तर पर किये जा रहे वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के आयोजन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ ने उनके मूल मंत्र आपदा सेवा सदैव सर्वत्र की सार्थकता को हर पैमाने पर सिद्ध किया है। प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से मानव सेवा में एनडीआरएफ हमेशा अग्रणी रही है। उन्होंने अपने संबोधन में एनडीआरएफ बटालियन के रेस्क्युर्स का उत्साह वर्धन किया और नीम वृक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण के प्रति प्रेम का संदेश दिया।
कमांडेंट पीके तिवारी ने बताया कि आठवीं बटालियन एनडीआरएफ हमेशा पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने बताया की वर्ष 2021 में अमृत महोत्सव के तहत अभी तक गाजियाबाद स्थित एनडीआरएफ परिसर में सरकारी तथा गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से 12 हजार से अधिक पौधों को लगाया जा चुका है तथा यह कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। इस वर्ष मियामाकी प्रोजेक्ट के तहत एनडीआरएफ कैंपस में लगभग आठ हजार विभिन्न पौधों का सघन वृक्षारोपण किया गया है। यह अपने आप में गाजियाबाद का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें एक साथ कम फासले में सघन पौधरोपण किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रख कर ही हम अपनी आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रख सकते हैं और साथ ही आपदाओं की संख्या में भी कमी ला सकते हैं।


एनडीआरएफ पर्यावरण और आपदा के बीच के रिश्ते को बखूबी समझती है। उन्होंने बताया एनडीआरएफ की टीमें 7७24७365 दिन हर आपदा से निपटने के लिए हमेशा तैयार है। जहाँ उत्तराखंड में तैनात गाजियाबाद से एनडीआरएफ टीमें आज मॉनसून में लगातार आॅपेरशन जारी रखे हुए हैं वहीं एनडीआरएफ द्वारा पर्यावरण से जुड़ाव का भी एक संदेश लोगों में दिया जा रहा है ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे और प्राकृतिक आपदाओं से बच जा सके।

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