मोदीनगर में आरओबी निर्माण अधर में, लोगों में रोष
उत्तर प्रदेश सेतु निगम और जिलाधिकारी कंपनी के खिलाफ शासन को लिख चुके हैं एक दर्जन से अधिक पत्र
निर्माता कंपनी ने काम नहीं किया तो सेतु निगम स्वयं करेगा निर्माण अथवा नये सिरे से होगा टेंडर
आम जनता आरओबी के अधर में लटकने से त्रस्त, आये दिन हो रही दुर्घटना और लगता है जाम
मोदीनगर विधायक डा. मंजू शिवाच मुख्यमंत्री के समक्ष उठा चुकी है मुद्दा

अथाह संवाददाता
गाजियाबाद/ मोदीनगर। मोदीनगर में हापुड़ रोड रेलवे फाटक पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण आम जनता के लिए जहां परेशानी का सबब बन गया है, वहीं दूसरी तरफ निर्माण कार्य ठप होने पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम एवं गाजियाबाद के जिलाधिकारी की नाराजगी निर्माता कंपनी वुडहिल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ब्लैक लिस्ट होने की तलवार लटक गई है। अब शासन को निर्णय लेना है कि निर्माण कार्य सेतु निगम खुद करेगा अथवा नये सिरे से टेंडर होगा।
बता दें कि मोदीनगर- हापुड़ मार्ग जिले के व्यस्ततम मार्गों में गिना जाता है। उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहन इसी रास्ते से होकर पश्मिी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही पंजाब एवं हरियाणा के लिए मुख्य मार्ग का काम करता है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आरओबी का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया थ। लेकिन एक वर्ष से अधिक समय में भी मात्र एक चौथाई भी पूरा नहीं हुआ है जो निर्माण कंपनी वुडहिल के साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

आने- जाने के लिए एक एक लेन वह भी गड्ढों से भरी
आरओबी निर्माण के कारण फाटक से हापुड़ की तरफ वाली सड़क पर आने- जाने के लिए मात्र एक एक लेन ही है जो गड्ढों से भरी है। यहां पर गड्ढों के कारण आये दिन तिपहिया और ई रिक्शा पलटने से दुर्घटनाएं भी होती रहती है। मोदीनगर के पूर्व एसडीएम ने जब निर्माता कंपनी के खिलाफ जिलाधिकारी को पत्र लिखे तब जाकर गड्ढे भरे गये, लेकिन कुछ दिन बाद हालात जस के तस हो गये हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान तो गड्ढे भरन का काम भी मोदीनगर नगर पालिका ने किया।

अभिभावकों एवं आम लोगों में गुस्सा, किया प्रदर्शन
आरओबी निर्माण कंपनी की ढिलाई के चलते एवं दुर्घटनाएं होने तथा जाम लगने के विरोध में पिछले सप्ताह अभिभावकों एवं शहर के लोगों ने तहसील पर प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा था। बता दें कि हापुड़ रोड पर दो बड़े पब्लिक स्कूल समेत इंस्टीट्यूट भी है। जाम में फंसने से बच्चों एवं अभिभावकों को भारी परेशानी होती है।

निर्माता कंपनी के खिलाफ सेतु निगम एवं जिलाधिकारी लिख चुके हैं एक दर्जन से ज्यादा पत्र
निर्माता कंपनी द्वारा काम न करने एवं धीमी गति से काम करने पर सेतु निगम के अधिकारी एवं जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ शासन को एक दर्जन से ज्यादा पत्र लिख कर निर्माता कंपनी पर सवाल उठा चुके हैं। वे आम जनता की परेशानी भी शासन को बता चुके हैं। यह भी कह चुके हंै कि निर्माता कंपनी किसी की बात भी नहीं सुनती।
मोदीनगर के हापुड़ रोड पर आरओबी निर्माण का काम वुडहिल इंफ्रा को दिया गया था। लेकिन कार्य में प्रगति न होने एवं साथ ही काम ठप होने पर कंपनी के साथ ही शासन को हमारे एवं जिलाधिकारी महोदय द्वारा एक दर्जन से अधिक पत्र लिखे गये हैं। अब शासन को निर्णय करना है कि आगे का काम सेतु निगम करेगा अथवा नये सिरे से टेंडर होगा।
केवी सिंह, उप महाप्रबंधक, उप्र राज्य सेतु निगम
मोदीनगर आरओबी के मुद्दे को पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष उठाया गया था। वे इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जी के स्तर से जल्द निर्णय लिया जाये। आरओबी निर्माण कार्य ठप होने एवं धीमी गति से चलने के कारण मोदीनगर के हजारों लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

डा. मंजू शिवाच, विधायक मोदीनगर
