अथाह व्यूरो,
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने चंदौली में समाजवादी पार्टी की महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के साथ हुई मारपीट की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह घटना समाजवादी पार्टी के वास्तविक चरित्र को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी मंचों से महिला सम्मान, सामाजिक न्याय और अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, उसी पार्टी में महिला पदाधिकारियों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं है।
पंकज चौधरी ने कहा कि चंदौली में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी ही पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष के साथ उनके घर में जाकर मारपीट करना अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। यह घटना केवल एक महिला पदाधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और आत्मसम्मान पर सीधा आघात है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का तथाकथित PDA अब “पीड़ा, दमन और अपमान” का प्रतीक बन चुका है।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति केवल दिखावे और नारों तक सीमित है। मंचों पर महिला सम्मान की बातें करना और व्यवहार में महिलाओं का अपमान करना, यही सपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा है। यह घटना बताती है कि सपा में महिलाओं को केवल पोस्टरों और प्रचार तक सीमित रखा जाता है, जबकि वास्तविकता में उन्हें अपमान और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं समाजवादी पार्टी की वास्तविक मानसिकता को भली-भांति पहचान चुकी हैं। सपा के नेताओं द्वारा लगातार महिलाओं के प्रति असम्मानजनक व्यवहार और ऐसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर उनकी कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब यह समझ चुकी है कि समाजवादी पार्टी का महिला सम्मान का मॉडल पूरी तरह खोखला और अवसरवादी है।पंकज चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। भाजपा सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं, जबकि विपक्षी दल केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए महिलाओं के मुद्दों का इस्तेमाल करते हैं।उन्होंने कहा कि चंदौली की यह घटना समाजवादी पार्टी के अंदर व्याप्त अराजकता, गुटबाजी और महिला विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। समाजवादी पार्टी को प्रदेश की महिलाओं से इस घटना पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
