अथाह ब्यूरो
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि गाजीपुर में भाजपा सरकार के इशारे पर समाजवादी पार्टी के नेताओं के खिलाफ दुर्व्यवहार हुआ है। भाजपा नहीं चाहती कि समाजवादी पार्टी पीडीए समाज के साथ खड़ी हो और उन्हें न्याय दिलाये। गाजीपुर जाने से रोकने के लिए तमाम तरह की नयी-नयी धाराएं लगायी गयी है। भाजपा के लोग कुछ नहीं कर पा रहें तो दूसरों से पत्र लिखवा रहे हैं। रोड़े अटका रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने गाजीपुर करंडा के पीड़ित परिवार की 5 लाख रुपए से आर्थिक मदद की घोषणा करते हुए बताया कि 28 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम आसरे विश्वकर्मा के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गाजीपुर जायेगा। प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर के साथ विधायक जयकिशन साहू और रीता विश्वकर्मा जायेंगी। प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर दु:खदर्द में शामिल होगा। परिवार जो चाहेगा उसको न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे।
यादव ने कहा कि भाजपा सरकार समाजवादियों के साथ बड़े पैमाने पर अन्याय कर रही है। इस सरकार को जहां भी मौका मिल जाता है, समाजवादी पार्टी कार्यकतार्ओं-नेताओं पर फर्जी और झूठे मुकदमें लगा देती है। उन्होंने कहा गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के कार्यकतार्ओं- नेताओं पर एफआईआर क्यों कर दी गई? जबकि सरकार ने असली पत्थरबाजों पर कार्रवाई नहीं की। असली पत्थरबाजों पर पहले से ही गंभीर धाराएं है, वे धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग सोशल मीड़िया पर कुछ लिख दें या ट्वीट कर दें तो तुरन्त एफआईआर हो जाती है लेकिन जो लोग समाजवादी पार्टी के खिलाफ इमेज बना रहे हैं उन पर एफआईआर क्यों नहीं होती है? उनको क्यों छोड़ा जा रहा है? असली पत्थरबाजों को क्यों बचाया जा रहा है?
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जब से भाजपा सरकार आयी है। महिलाएं, बेटियों के साथ अपराध की घटनाएं बहुत बढ़ गयी हैं। हर जिले में हत्या, बलात्कार की जैसी जघन्य घटनाएं हुई है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भाजपा सरकार का दावा खोखला साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। अगर आरक्षण देना था तो वर्तमान सीटों की संख्या पर क्यों नहीं दिया? अब तो भाजपा से जुड़ी महिलाएं भी सरकार से सवाल पूंछ रही है कि महिला आरक्षण में डिलिमिटेशन की शर्तें क्यों जोड़ी गयी। वर्तमान सीटों पर आरक्षण क्यों नहीं लागू किया?
यादव ने कहा कि भाजपा जानती थी कि लोकसभा में उसको बहुमत नहीं है, विपक्ष को बदनाम करने और वोट पर नजर रखते हुए जानबूझकर महिला आरक्षण संशोधन बिल लायी थी। भाजपा कभी महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में नही रही है। सरकार को पता था संशोधन बिल नहीं पास होगा, इसीलिए 2023 के महिला आरक्षण बिल का नोटिफिकेशन रात में कर दिया था। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 पास हो चुका है। वह कानून बन चुका है। सरकार चाहे तो अगले चुनाव से लागू कर सकती है लेकिन भाजपा लागू नहीं करेगी क्योंकि उसे तो महिलाओं से झूठ बोलना है और गुमराह करना है।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश का गन्ना किसान भुगतान के लिए लगातार लड़ाई लड़ता है। पिछले दिनों गाजियाबाद में विजन इंडिया कार्यक्रम के तहत किसानों को लेकर आयोजित कार्यक्रम में हमें कई सुझाव मिले है। समाजवादी पार्टी इन सुझावों पर भविष्य में फैसले लेगी। समाजवादी सरकार बनने पर गन्ना किसानों का भुगतान 24 घंटे के अंदर कराने का इंतजाम किया जायेगा। उसके लिए 15 हजार करोड़ का कार्पस फंड बनाएंगे। जिससे किसान को गन्ना की पर्ची मिलते ही भुगतान शुरू हो जायेगा। बुनकरों को समाजवादी पार्टी की सरकार में फ्लैट रेट पर बिजली मिलती थी। इसी तरह से उनके लिए बिजली की व्यवस्था की जाएगी। उनके मार्केटिंग के लिए काम हुआ था। बुनकरों के सामान को बेचने के लिए किसान, बाजार, शिल्पग्राम बनाए थे। भविष्य में बुनकरों की समस्याओं का समाधान करेंगे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे।
