Dainik Athah

1857 की क्रांति के बाद अब मेरठ से एक और स्वतंत्रता आंदोलन जन्मेगा : अखिलेश यादव


अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि 1857 की क्रांति के बाद अब मेरठ से एक और स्वतंत्रता आंदोलन जन्मेगा और वो होगा आज के साम्राज्यवादी सत्ताधारी गिरोह और उनके संगी-साथियों के खिलाफ। सच्चाई तो ये है कि बीजेपी ने पहले भूमि अधिग्रहण, काले कानूनों जैसे दुष्प्रयासों से खेतीबाड़ी-किसानी खत्म करनी चाही और अब यूएस डील और मल्टीनेशनल व कुछ अकूत दौलत के मालिकों के इशारे पर भाजपा भारत का व्यापार खत्म कर रही है। जिससे कुल मिलाकर सारी इकॉनमी पर भाजपाइयों व उनको सीधे चंदा देनेवाले खरबपतियों का कब्जा हो जाए और परंपरागत व्यापारियों का कारोबार सड़कों पर भी जगह न पा पाए।


यादव ने कहा कि जो बड़े व्यापारी, स्टॉकिस्ट आज भी भाजपा के साथ हैं, आज-कल में वो भी भाजपा की गलत नीतियों और मंसूबों का शिकार बनेंगे, वो भी नहीं बचेंगे। ये बात अब सबको समझ आ रही है, इसीलिए हर व्यापारी, दुकानदार, कारखाना मालिक, सूक्ष्म-लघु-मध्यम स्तर का उद्यमी अब बीजेपी के विरूद्ध एकजुट हो रहा है। उसका भ्रम टूट गया है। उसे भी अब समझ आ गया है कि ह्यभाजपा किसी की सगी नहीं हैह्ण का मतलब साफ है कि भाजपा उस अकूत महा-राशि के सिवाय किसी की सगी नहीं है; जो वो कमीशन, चंदे के नाम पर एकमुश्त वसूल लेती है। भाजपा के भ्रष्टाचार का पेट सुरसा का मुँह है।
उन्होंने कहा कि दरअसल भाजपा का बुलडोजर दुकानों-मकानों पर नहीं बल्कि भारत की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर चलाया जा रहा है। आज बीजेपी देश की अर्थव्यवस्था को खत्म करने का जितना बड़ा षड्यंत्र कर रही है, उतना बड़ा तो परतंत्रता के दौर में साम्राज्यवादियों ने भी नहीं किया था। आज भाजपा जिस आर्थिक गुलामी को देशवासियों पर थोपने की साजिश कर रही है, उसे देश के छोटे-से-छोटे व्यापारी, दुकानदार, रेहड़ी-पटरी-फेरीवाले से लेकर साप्ताहिक हाट, सब्जी मार्केटवाले और बड़े कारोबारी, स्टॉकिस्ट, उद्यमी तक कामयाब नहीं होने देंगे। सब मिलकर इसका विरोध करेंगे।


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