जनता से हाथ जोड़कर माफी मांग रहे भाजपा के नेता
गृह कर मामले में नगर निगम के पक्ष में उच्च न्यायालय ने सुनाया था निर्णय
जितना गृहकर बढ़ाया गया है उसे किसी भी हालत में नहीं लगने दिया जायेगा: अजीत पाल त्यागी
गृहकर मामले में सभी जनप्रतिनिधि बैठकर बात करेंगे, यह जनहित में नहीं है: संजीव शर्मा
अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा गृह कर में भारीभरकम वृद्धि एवं उच्च न्यायालय में जनहित याचिका खारिज होने के बाद लगता है कि गाजियाबाद में केंद्र एवं प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में भूचाल आ गया है। पार्टी के ही पूर्व महापौर एवं पूर्व विधायक जहां सोशल मीडिया के जरिये जनता से माफी मांग रहे हैं, वहीं उनकी पोस्ट को लेकर यह भी चर्चा है कि इन नेताओं ने वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर तंज कसने का काम किया है।
बता दें कि गाजियाबाद नगर निगम के पूर्व महापौर आशु वर्मा ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखा ‘ मोदी जी ने जीएसटी में कटौती कर राहत दी। और हम गाजियाबाद में -मैं गाजियाबाद महानगर के निवासियों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं कि हम आपके ऊपर 100, 200 300 फीसद तक बढ़ाये गये हाऊस टैक्स से आपको राहत नहं दिया सके। जबकि आपने स्थानीय निकाय, विधानसभा व लोकसभा चुनाव में हमारी झोली वोटों से भर दी।’
दूसरी तरफ भाजपा के पूर्व विधायक रूप चौधरी फेसबुक के जरिये कहते हैं ‘नरक निगम गृहकर डकैती प्रकरण- मैं तो भाजपा नेता श्री राजेंद्र त्यागी व हिमांशु जी के साथ हूं.. अब निर्णय सर्वोच्च न्यायालय में ही होगा.. आप किसके साथ है?’
इन दोनों ही पोस्ट पर आम लोग अपनी भड़ास भी निकाल रहे हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता टिप्पणी करते हैं कि इस मौके को पूर्व जनप्रतिनिधियों ने वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर तंज के लिए चुना है। जिस प्रकार जनता भड़ास निकाल रही है उससे इनकी पोस्ट भाजपा के ही खिलाफ जा रही है। कुछ लोग कहते हैं कि यह उच्च न्यायालय के निर्णय पर सवाल है। भाजपा के एक जनप्रतिनिधि कहते हैं कि पूर्व महापौर अपने कार्यकाल में अपने घर के पास से भी मीट की दुकानें नहीं हटवा सके, अब वे जनता में दिखावा कर वर्तमान जनप्रतिनिधियों के साथ ही पार्टी पर भी तंज कस रहे हैं।

यह निर्णय शहर की जनता के हित में नहीं है। हालांकि इस पर अभी निगम का कोई बयान नहीं आया है। इस मामले में सभी जनप्रतिनिधि बैठकर विचार करेंगे तथा जहां भी आवश्यक होगी बात करेंगे। इस मामले में मुख्यमंत्री जी से भी बात की जायेगी।
संजीव शर्मा, विधायक गाजियाबाद शहर

गाजियाबाद की जनता पर जिस प्रकार भारीभरकम गृह कर लगाया गया है उसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं जनता को यह भरोसा दिलाता हूं कि जो गृहकर लगाया गया है उसे किसी भी हालत में नहीं लगने नहीं दिया जायेगा। चाहे इसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े।
