भाजपा 2027 का विधान सभा चुनाव हारने जा रही है
अथाह ब्यूरो
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा 2027 का विधान सभा चुनाव हारने जा रही है। वह घबराई हुई है। इसीलिए समाजवादी पार्टी के समर्थकों व पीडीए का वोट कटवाने के लिए फजीर्वाड़ा कर रही है। भाजपा हम सभी को फार्म-7 के फजीर्वाड़े में उलझाना चाहती है जिससे हम लोग बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार समेत अन्य मुद्दों को न उठा पायें।
सोमवार को समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के एसआईआर में फार्म- 7 को लेकर हो रहे फजीर्वाड़े का खुलासा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के सभी विधायक एसआईआर में फार्म-7 के दुरुपयोग और अन्य विसंगतियों की शिकायत को लेकर चुनाव आयोग को ज्ञापन देंगे और माँग करेगें कि सपा की शिकायतों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है। चुनाव आयोग को ज्ञापन देने के बाद विधायक इस मामले को विधानसभा में भी उठायेंगे। सभी विधायक निर्वाचन आयोग से मांग करेगें कि फार्म-7 के जरिये नाम हटाने की प्रक्रिया केवल सरकारी बीएलओ द्वारा की जाये। किस विधानसभा क्षेत्र, किस बूथ पर किसके नाम से फार्म-7 जमा हुआ है इसका डेटा जारी किया जाये। किस व्यक्ति ने किस आधार पर फार्म-7 भरा है, इसकी भी जानकारी दी जाये।
यादव ने कहा कि एसआईआर में वोट काटने के लिए बड़े पैमाने पर खेल हो रहा है। शिकायतों पर चुनाव आयोग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। डाटा बता रहा है कि पीडीए का वोट काटा जा रहा है। यह डकैती है।
अखिलेश यादव ने कहा अज्ञात व्यक्ति के नाम पर जो फार्म-7 भरे जा रहे हैं, वे सब भाजपा के लोग है। जब समाजवादी पार्टी ने फार्म-7 भरने वालों को पकड़ना शुरू किया तब बीजेपी के लोग अज्ञात नाम से फार्म भरने लगे। अभी तक पूरे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 47 फार्म-7 भरे है, भाजपा ने 1728 और अज्ञात नाम से 128659 फार्म-7 भरवाये गये है। श्री यादव ने कहा कि जब चुनाव आयोग ने एसआईआर शुरू किया था तब कहा था कि बीएलओ गांव-गांव जायेगें, सत्यापन करेंगे और गलत वोट हटाएगें। ड्राफ्ट रोल में फार्म-7 के जरिए बीएलओ द्वारा 49399 वोट हटाये गये, शायद इतने हटाये गये वोट भाजपा को जिताने के लिए पर्याप्त नहीं थे इसलिए हर व्यक्ति को फार्म-7 भरने की व्यवस्था कर दी गई। इसके बाद बी.एल.ओ. द्वारा हटाये गये वोटो से करीब 3 गुना ज्यादा फार्म-7 वोट कटवाने के लिए अज्ञात लोगों से भराये गये है। यह अज्ञात लोग कौन हैं। जब एस.आई.आर. की इतनी बड़ी एक्सरसाइज हुई है, तो फार्म-7 की क्या जरूरत है। साजिश के तहत फार्म-7 उन लोगों के नाम से भरा जा रहा है जो ठीक से पढना लिखना नहीं जानते है।
यादव ने कहा कि गांव-गांव में भाजपा से जुड़े सामंतवादी और प्रभुत्ववादी तत्व पीडीए का वोट कटवाने के लिए बल्क में फार्म-7 भरकर जमा करा रहे है। समाजवादी पार्टी ने कई बार चुनाव आयोग से शिकायत की लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, अगर एक भी जिलाधिकारी के खिलाफ ठोस कार्यवाही हो जाये तो पूरा एसआईआर और वोटर लिस्ट सही हो जायेगा। उन्होंने कहा कि गाँव के लोग जानते है, कि उनके पास बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा संविधान में दिया गया एक वोट का अधिकार है लेकिन सामन्तवादी मानसिकता इसी अधिकार को छीनना चाहती है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ऐसा तंत्र बनाया गया है, जहाँ एक वर्ग फार्म-7 के माध्यम से दूसरे वर्ग का वोट कटवाने की कार्यवाही कर रहा है।
मेरठ के एक वीडियो का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब फार्म-7 से भी काम नहीं चल रहा है, तो चुनाव आयोग प्रशासन और बीजेपी के त्रिकोण ने लॉजिकल डिस्क्रिपन्सी नाम से पीडीए वोटरों को नोटिस भेजने का नया खेल निकाला है। उन्होंने पार्टी के नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि विधायक मनोज पारस के क्षेत्र में 37 हजार और डा. मुकेश वर्मा के क्षेत्र में 75 हजार लोगों को नोटिस जारी किया गया है।
अयोध्या के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री पवन पाण्डेय ने बताया कि उनके यहाँ 96 हजार लोगों को नोटिसे जारी की गई हैं। फैजाबाद के एक बूथ के डेटा की जानकारी देते हुए बताया कि 181 मतदाताओं को नोटिस मिला है, उसमें 76 फीसदी पीडीए है। 76 फीसदी में भी 46 फीसदी से ज्यादा यादव और मुस्लिम मतदाता है। यह वह लोग है जो बहुत गरीब है, खेती-बारी और मजदूरी करते है। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि सभी लोग चुनाव आयोग से शिकायतों पर कार्रवाई की उम्मीद करते हैं लेकिन अगर चुनाव आयोग कार्रवाई नहीं कर रहा है तो उसे अपने बिल्डिंग पर भाजपा का झंण्डा लगा लेना चाहिए।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ बड़े-बड़े मुद्दे हैं। अमेरिका के साथ डील हुई है। उससे कृषि और किसानों का बहुत बड़ा नुकसान होगा। सरकार ने पूरा बाजार विदेशियों को सौंप दिया है। हमारा किसान कहाँ जायेगा। इसी तरह से सोने, चांदी की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। महंगाई आसमान छू रही है। सरकार दावा करती है कि 50 लाख करोड़ का एमयोयू हुआ। लेकिन जमीन पर कितना निवेश उतरा। कितने लोगों को रोजगार मिला। भाजपा चाहती है, इन मुद्दों पर चर्चा न हो इसीलिए सभी पार्टियों और जनता को उलझाये रखना चाहती है।
