सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती भी आई ब्राह्मणों को लेकर सामने
ब्राह्मण किसी से डरने वाला नहीं, उन्हें सम्मान, प्रतिनिधित्व तथा रोजागार के साधन चाहिए
अथाह ब्यूरो
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर जहां ब्राह्मण समाज समेत सवर्ण बिरादरी को लेकर बड़ी बात कही, वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा बसपा का वोट सहयोगी दल को मिल जाता है, लेकिन उनके वोट बसपा को नहीं मिल पाते।
बसपा प्रमुख ने कहा कि ब्राह्मण समाज को किसी का बाटी-चोखा आदि नहीं चाहिए। वे किसी से डरने वाले भी नहीं हैं। उन्हें सम्मान, प्रतिनिधित्व तथा रोजागार के साधन चाहिए। उन पर कोई जुल्म नहीं होना चाहिए। ब्राह्मण समाज की यह चाहत बसपा सरकार में ही पूरी हुई थी। अगली बार बसपा सरकार बनने पर ब्राह्मण, क्षत्रिय व वैश्य समाज आदि के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
मायावती ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा, सपा व कांग्रेस के ब्राह्मण समाज के विधायकों तथा मंत्रियों के जुटने के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने पिछले चुनावों में टिकट देने व सरकार बनने पर अन्य वर्गों की तरह ब्राह्मण समाज को भी उचित भागीदारी दी थी। कोई अन्याय नहीं होने दिया था। अब ब्राह्मण समाज को कांग्रेस, भाजपा व सपा आदि पार्टियों के बहकावे में नहीं आना है।
न चुनाव में कसर छोड़ेंगे न ही किसी से गठबंधन करेंगे
बसपा प्रमुख ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं। इस बार गुमराह नहीं होना है। ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। उन्होंने कहा गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है। भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि हमारी सरकार ने किसी के भी मंदिर, मस्जिद व चर्च आदि को भी कोई क्षति नही पहुंचने दी थी। दलितों, पिछड़ों, मुस्लिम व अल्पसंख्यक समाज के हितों का विशेष ध्यान रखा था। किसी के साथ पक्षपात नहीं होने दिया था। पिछड़े वर्गों में यादव समाज के हितों का भी ध्यान रखा था और आगे भी रखेंगे।बसपा सरकार में कोई भी दंगा-फसाद आदि नहीं होने दिया था। आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था सपा की सरकार की तरह काफी बिगड़ी हुई है।
