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कर्तव्य पथ पर उत्तर प्रदेश का परचम लहराएंगे 42 चयनित ग्राम प्रधान

जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण तक: कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों की होगी ऐतिहासिक सहभागिता

राष्ट्र स्तर पर गूँजेगी गांवों की गूंज, गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की ग्राम प्रधान होंगे विशेष अतिथि

गांवों की मेहनत को राष्ट्रीय मंच पर मिलेगा सम्मान, यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है-मा. पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर



अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में उत्तर प्रदेश का भी परचम लहराएंगा। प्रदेश स्तर पर चयनित 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया है। ये प्रधान अपने जीवनसाथी/अभिभावकों के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
ग्राम पंचायत स्तर पर किए गए विकास के उत्कृष्ट कार्य, पारदर्शी प्रशासन और जनभागीदारी की जो मिसालें प्रदेश में स्थापित हुई हैं, उनकी गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में सुनाई देंगी। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय परेड में उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को मिला आमंत्रण न केवल प्रदेश की सशक्त पंचायती राज व्यवस्था का प्रमाण है, बल्कि जमीनी स्तर पर हो रहे सकारात्मक और प्रभावी बदलावों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति भी है।
पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतें भी विशेष अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगी। मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदेश से 42 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को उनके जीवनसाथी अथवा अभिभावकों के साथ राष्ट्रीय परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए नामित किया गया है। उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों के लिए यह अवसर अत्यंत गौरव, सम्मान और उपलब्धि से भरा हुआ है। इसके अतिरिक्त केन्द्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल द्वारा संस्तुत 20 विशिष्ट अतिथियों तथा राज्य एवं जनपद स्तर के नोडल अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए उत्तर प्रदेश से कुल 93 प्रतिभागी इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता करेंगे। यह सहभागिता इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतें अब केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि गांवों की मेहनत, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलना पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह आमंत्रण उन पंचायत प्रतिनिधियों के समर्पण का परिणाम है, जिन्होंने विकास को जन-आंदोलन बनाया। यह सम्मान प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।

निदेशक, पंचायती राज विभाग अमित कुमार सिंह ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभाग द्वारा निरंतर क्षमता निर्माण, पारदर्शिता और नवाचार पर कार्य किया जा रहा है। दिल्ली में पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति यह दशार्ती है कि उत्तर प्रदेश की पंचायतें अब केवल योजनाओं की क्रियान्वयन इकाई नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सक्रिय भागीदार हैं।

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