एसआईआर पर भाजपा नेतृत्व ने नींद से जागने में कर दी देर
ओवर कोन्फिडेंस के साथ ही जिला कमेटियों का घोषित न होना भी बन रहा कारण
कमेटी घोषित होने के इंतजार में कार्यकर्ता डूब रहे निराशा के भंवर में

अशोक ओझा
लखनऊ। मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान के समापन से पहले ही भाजपा नेतृत्व की उत्तर प्रदेश में चिंता बढ़ गई है। यह चिंता ही है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुद मैदान में उतरना पड़ा है। पिछले दो दिन तक वे लगातार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही ब्रज प्रदेश में जिस प्रकार जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों को चेता रहे हैं वह यह बताने के लिए काफी है कि इन दो क्षेत्रों में प्रदेश के शेष हिस्सों के मुकाबले स्थिति अधिक खराब है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिनों में सहारनपुर, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद मंडलों में भाजपा जन प्रतिनिधियों के साथ ही संगठन के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें की और उन्हें एसआईआर का काम पूरा करने के निर्देश देने पड़े। उन्होंने बैठकों में विधानसभा वार समीक्षा भी की। इसके साथ ही संगठन एवं जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल पर भी जोर दिया।
क्या ओवर कोन्फिडेंस में थे भाजपा कार्यकर्ता
भाजपा कार्यकर्ता लगता है अब तक या तो ओवर कोन्फिडेंस में थे। उनका मानना रहा है कि बीएलओ ही पूरा काम कर लेंगे यह काम उनका है। भाजपा नेतृत्व लगातार जो बात कह रहा था उसकी तरफ उन्होंने ध्यान देने की आवश्यकता ही महसूस नहीं की। उनका मानना था कि उनके क्षेत्र में सही काम हो रहा है ऐसे में वे क्यों भाग दौड़ करें।
जिला कमेटियां घोषित न होने पर कार्यकर्ता निराशा के भंवर में
दूसरी तरफ यदि देखा जाये तो पिछले करीब नौ माह पूर्व भाजपा ने प्रदेश में 28 जिलों को छोड़कर सभी जिला और महानगर अध्यक्ष घोषित कर दिये थे। लेकिन वे पुरानी कमेटियां से ही काम चला रहे हैं। कार्यकर्ता लंबे समय से कमेटी घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश एवं राष्टÑीय अध्यक्ष की घोषणा न होने के कारण कमेटियों को घोषित करने का काम भी अधर में है।
अब तक पार्षद- सभासद भी नामित नहीं
इसके साथ ही पार्षदों एवं सभासदों को नामित करने के मामले में अनेकों बार मंथन के बावजूद भी इनकी घोषणा नहीं हो सकी है, जबकि निकाय चुनाव को भी ढ़ाई वर्ष का समय बीत चुका है, ऐसे में कार्यकर्ताओं में निराशा घर कर रही है।
दैनिक अथाह में मंथन छपने के बाद ही सक्रिय हुई भाजपा और मुख्यमंत्री
बता दें कि दैनिक अथाह ने तीन दिसंबर को एसआईआर की स्थिति को लेकर मंथन प्रकाशित किया था। जिसमें एसआईआर की स्थिति बयां की थी। मंथन को एक्स पर प्रधानमंत्री, भाजपा, भाजपा उप्र, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं राष्टÑीय महासचिव विनोद तावड़े को टेग किया था। इसके बाद ही भाजपा और मुख्यमंत्री सक्रिय हुए।
