- लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधायकों से कर रहे चर्चा
- पांच में से चार विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री के पास, सांसद और एक विधायक नहीं पहुंच सके बैठक में
- बैठक के बिंदुओं को लेकर विधायकों ने साधी चुप्पी
- सूत्र: सांसद संग विधायकों के मनमुटाव को लेकर हुई बैठक
अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत कील कांटे दुरुस्त करने की कवायद भी शुरू हो गई है। जहां कहीं भी सांसदों- विधायकों के बीच कोई मतभेद है तो उसे भी मुख्यमंत्री स्वयं ही दूर करने के प्रयास में जुट गये हैं। इसके तहत उन्होंने गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। लेकिन बैठक में सांसद एवं एक विधायक नहीं पहुंच सके।

बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव की वैतरणी को पार करने में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष भूमिका रहने वाली है। यहीं कारण है कि मुख्यमंत्री चुनाव से पहले हर कील कांटे दुरुस्त करना चाह रहे हैं। इसमें संगठन स्तर का कोई मुद्दा होगा तो वे संगठन स्तर से सुलझवायेंगे और यदि कोई और मुद्दा है तो खुद विवादों का समाधान करने की पहल कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के पास लगातार सूचना पहुंच रही है कि गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में जन प्रतिनिधियों के बीच आपसी विवाद है। इसका नुकसान आगामी लोकसभा चुनाव में हो सकता है। इसी कारण मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के पांचों विधायकों अतुल गर्ग, सुनील शर्मा, अजीत पाल त्यागी, नंद किशोर गुर्जर एवं धर्मेश तोमर के साथ ही स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह को लखनऊ बुलाया था। लेकिन इनमें से केवल चार विधायक ही पहुंच सके। जनरल वीके सिंह एवं धर्मेश तोमर लखनऊ नहीं पहुंंच सके।
सूत्र बताते हैं कि गाजियाबाद के चारों विधायकों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गाजियाबाद के मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई। लेकिन मुद्दे क्या क्या विधायकों ने उठाये इसके संबंध में विधायकों ने चुप्पी साधी हुई है। सूत्रों का यह भी कहना है कि एक विधायक धर्मेश तोमर बैठक में उपस्थित नहीं थे, उन्हें सूचना मिलने में देरी हुई जिस कारण वे पहुंच नहीं सके। इसके साथ ही स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री संभवत: दिल्ली से बाहर थे जिस कारण वे नहीं पहुंच सके।
मुख्यमंत्री के साथ बैठक को लेकर एक बानगी
एक विधायक जी कहते हैं कि मुख्यमंत्री बड़े अच्छे मूड में थे। इस दौरान पुरा महादेव समेत अनेक मुद्दों पर चर्चा होती रही। इसके साथ ही मुख्यमंत्री संग चाय की चुस्की ली गई। गाजियाबाद के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं। इससे स्पष्ट है कि विधायक बैठक के संबंध में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।