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निमार्णाधीन बाढ़ परियोजनाओं के कार्य 15 जून तक अवश्य पूर्ण करा लें: स्वतंत्र देव सिंह

जलशक्ति मंत्री ने बाढ़ पर चिंतन विषय पर विभागीय अधिकारियों के साथ की बैठक

बाढ़ परियोजनाओं के कार्य मानसून के पूर्व पूरे होने से जनता जनार्दन की बाढ़ के भय से मुक्त होकर सुरक्षित जीवन यापन की कल्पना साकार हुई

अथाह ब्यूरो
लखनऊ
। उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने तेलीबाग स्थित डा. राम मनोहर लोहिया परिकल्प भवन स्थित सभागार में बाढ़ पर चिंतन विषय पर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर बाढ़ से बचाव के संबंधी कार्य करने वाले विभिन्न संगठनों द्वारा बाढ़ प्रबंधन हेतु किए गए कार्य एवं महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया गया। इसके साथ ही विभिन्न संगठनों द्वारा बाढ़ बचाव संबंधी अब तक पूर्ण की गयी परियोजनाओं की सक्सेस स्टोरी, वर्तमान में निमार्णाधीन तथा भविष्य की परियोजनाओं के बारे में प्रशतुतिकरण भी दिया गया।
जल शक्ति मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि निमार्णाधीन बाढ़ परियोजनाओं के समस्त कार्य किसी भी स्थिति में रुकने ना पाएँ तथा आगामी 15 जून तक अवश्य पूर्ण करा लिए जांय जिससे जनता को उनका अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके। निमार्णाधीन परियोनाओं से संबंधित समस्त अवर अभियंताओं का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया जाय जिसपर किसी भी निमार्णाधीन परियोजना के कार्य रुकने की स्थिति में तसमय सूचित किया जाय एवं तत्काल उच्च अधिकारियों द्वारा उसका समाधान कराया जाय।

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि विगत वर्षों की भांति वर्ष 2023 में भी प्रदेश में बाढ़ कार्यों की परियोजनाओं को अभियान चलाकर पूर्ण करायें। उत्तर प्रदेश राज्य बाढ़ नियंत्रण परिषद की स्थायी संचालन समिति के द्वारा कुल 288 बाढ़ परियोजनाएं अनुमोदित की गयी, जिन्हें आगामी वषार्काल के पूर्व युद्ध स्तर पर कार्य कराकर पूर्ण करा लिया जाय। परियोजनाओं के गठन में नवीन तकनीकी विधियों का समावेश किया जाए। बाढ़ परियोजनाओं के क्रियान्वयन धरातल पर पूर्ण पारदशिर्ता से एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित कराएं। परियोजना के पूर्ण हो जाने पर क्षेत्रीय जनता को अत्यधिक लाभ होगा एवं बाढ़ कार्य के समय जान-माल की सुरक्षा हो सकेगी।
जल शक्ति मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में सम्पूर्ण प्रदेश, विशेषकर सिंचाई विभाग चहुंमुखी प्रगति पर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभाग के अधिकारियों द्वारा दिन-रात सजग रहकर बाढ़ कार्यों का सम्पादन कर संवेदनशील स्थलों को सुरक्षित किया गया एवं जनधन की हानि होने नहीं दी गयी। बाढ़ परियोजनाओं के कार्य मानसून के पूर्व पूरे होने से जनता जनार्दन की बाढ़ के भय से मुक्त होकर सुरक्षित जीवन यापन की कल्पना साकार हुई है। इससे प्रदेश में बाढ़ प्रभावित जनपदों एवं संवेदनशील क्षेत्रों की जनता लाभान्वित हुई तथा आबादी व कृषि योग्य भूमि सुरक्षित हुई।

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। बाढ़ कार्यों के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और बाढ़ से होने वाली सम्भावित क्षति को न्यून से न्यूनतम करने हेतु सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तत्पर एवं दृढ़ संकल्प है। इस संकल्प का मूल तत्व सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास है। श्री सिंह ने इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की और कहा कि प्रदेश में अधिकांश नदियाँ विगत वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष खतरे के निशान से ऊपर अत्यधिक लम्बी अवधि तक रही परन्तु विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा तत्परता से अत्यन्त सूझ-बूझ का परिचय देते हुए तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराये गये।

स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के नई बाढ़ परियोजनाओं को प्रदेश में विधान सभा निवार्चन होने के उपरान्त युद्धस्तर पर प्रारम्भ किया गया और बाढ़काल से पूर्व सीमित समय में पूर्ण पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया गया। समुचित नीति के अभाव में प्राय: नई बाढ़ परियोजनाएँ अत्यन्त विलम्ब से प्रारम्भ हो पाती थी तथा बाढ़ के पूर्व परियोजनाओं के पूर्ण न होने से प्रदेश वासियों को अत्यन्त कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, परंतु वर्तमान सरकार ने इस समस्या को दूर कर तेजी से परियोजनाओं को पूरा करा रही है।

बाढ़ पर चिंतन विषय पर आयोजित बैठक में प्रमुख सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग, विशेष सचिव अनीता सिंह वर्मा, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष एनसी उपाध्याय, प्रमुख अभियंता यांत्रिक देवेंद्र अग्रवाल, प्रमुख अभियन्ता (परि0 एवं नियो0) एकेजैन, मुख्य अभियन्ता, अनु0 एवं नियो0 (बाढ़) केबी लाल, अधीक्षण अभियन्ता हरिओम गुप्ता, सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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