सपा प्रमुख की घोषणाओं पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का तीखा हमला
अथाह ब्यूरो
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बुधवार को समाजवादी पार्टी की नई घोषणाओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अपने पुराने पाप और नाकामियों को छिपाने के लिए सपा एक बार फिर ‘झूठे वादों का पिटारा’ लेकर जनता के सामने आई है।
पंकज चौधरी ने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी के शासनकाल में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते थे, वही पार्टी आज महिला सम्मान, सुरक्षा और विकास की बातें कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि सत्ता में रहते हुए महिलाओं की सुरक्षा, बेहतर अस्पताल और कॉलेज जैसी सुविधाओं के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए?। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा की पुरानी वादाखिलाफी और उसके शासन का रिकॉर्ड भूली नहीं है। अब खोखली घोषणाओं और चुनावी लॉलीपॉप से जनता को बहकाना संभव नहीं है। 2027 में जनता सपा को उसकी राजनीति और पुराने रिकॉर्ड का जवाब देगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपए देने की घोषणा भी कर रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश की माताएं-बहनें उनसे एक सीधा सवाल पूछना चाहती हैं क्या केवल चुनाव से पहले घोषणाएं करने से महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी?
चौधरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आता देखकर समाजवादी पार्टी महिला वोटरों को लुभाने के लिए बडी-बडी बातें कर रही है, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव को इन बड़ी-बड़ी बातों से पहले बताना चाहिए कि जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति को लेकर प्रदेश में भय का वातावरण क्यों था? आखिर वह कौन सा शासन था, जिसमें बेटियों और महिलाओं को घर से बाहर निकलने में डर लगता था और उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी।
पंकज चौधरी ने कहा कि आज अखिलेश यादव महिला सुरक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती थी? क्या यह सच नहीं है कि उस समय अपराधियों और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त दबंगों के हौसले बुलंद थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान थानों में पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी ने कहा कि आज अखिलेश यादव महिलाओं को स्वतंत्र और प्रखर बनाने की बात कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि जब उनकी सरकार थी, तब महिलाओं को वास्तविक स्वतंत्रता और सुरक्षित वातावरण देने के लिए उन्होंने क्या किया? उन्होंने महिला आरक्षण की बात करने वाले अखिलेश यादव यह भी बताएं कि जब केंद्र की मोदी सरकार ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाली ऐतिहासिक पहल की, तब समाजवादी पार्टी ने विरोध क्यों किया। क्या महिला सशक्तिकरण को जाति और धर्म के चश्मे से देखना ही समाजवादी पार्टी की राजनीति है?
उन्होंने कहा आज उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति, महिला हेल्पलाइन, एंटी रोमियो अभियान, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। यही कारण है कि प्रदेश की महिलाएं अब भय नहीं, सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी को घोषणाओं से पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। उत्तर प्रदेश की महिलाएं पूछ रही हैं कि आपके शासन में सुरक्षा और सम्मान कहां था, और अब चुनाव से पहले अचानक महिलाओं की इतनी चिंता क्यों सताने लगी? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के लिए महिला सम्मान कोई चुनावी नारा नहीं, बल्कि सुशासन, सुरक्षा और सशक्तिकरण का निरंतर संकल्प है।
