मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर दी बड़ी सौगात, 27 की सुबह 6 बजे से 29 मध्यरात्रि तक नि:शुल्क यात्राएं कर सकेंगी महिलाएं
नगर विकास विभाग की बसों में भी रक्षाबंधन पर रहेगी यह सुविधा: मुख्यमंत्री
रक्षाबंधन पर सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन एवं यातायात के लिए व्यापक कार्ययोजना लागू करें : मुख्यमंत्री
त्योहारों पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण शहरों, एक्सप्रेसवे, हाईवे, प्रमुख मार्गों आदि पर तेज हो पेट्रोलिंग: मुख्यमंत्री
बस, टैक्सी और आॅटो-टेम्पो यूनियनों के साथ 25 अगस्त तक बैठक कर सुनिश्चित करें व्यवस्थाएं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने दिए ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और अधिक किराया वसूली पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
अथाह ब्यूरो
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को दिए गए नि:शुल्क बस यात्रा के समय में वृद्धि की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अब यह नि:शुल्क यात्रा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी। रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन, पुलिस, प्रशासन व संबंधित विभाग मिलकर सारी व्यवस्था सुनिश्चित करें। त्योहारों के मद्देनजर शहरों, एक्सप्रेसवे, हाईवे व प्रमुख मार्गों पर पेट्रोलिंग तेज की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षाबंधन के मद्देनजर रविवार को परिवहन निगम/विभाग, नगर विकास, पुलिस, यातायात आदि विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर प्रदेश में सुगम, सुरक्षित, व्यवस्थित परिवहन एवं यातायात व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में माताओं, बहनों और बेटियों के आवागमन को देखते हुए परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय से सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ले। रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की 900 से अधिक बसों में भी यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निजी बसों, आॅटो और टैक्सी चालकों के भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन 28 अगस्त को है और 25 अगस्त की सुबह से 29 अगस्त की रात तक आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवधि रहेगी। 26 अगस्त को अवकाश होने के कारण लंबी दूरी और अंतरजनपदीय यात्राओं में वृद्धि की संभावना है। प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं एवं एक सहयात्री के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में नि:शुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है। इसके साथ अतिरिक्त बसों के संचालन की भी तैयारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में 25 अगस्त तक बस, टैक्सी और आॅटो-टेम्पो यूनियनों के साथ समन्वय बैठक की जाए। निर्धारित किराया ही लिया जाए, ओवरलोडिंग न हो, यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और यात्री सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रक्षाबंधन के दौरान संचालित होने वाली टैक्सी और ई-रिक्शा के चालकों का आवश्यक सत्यापन कराया जाए। केवल सत्यापित और सक्षम चालकों से ही वाहनों का संचालन कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर विशेष यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए। मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल-मिजार्पुर और गोरखपुर जैसे स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जाए। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बाजारों तथा शहरों के प्रवेश और निकास मार्गों पर यातायात दबाव को देखते हुए पहले से कार्ययोजना तैयार रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान बस स्टेशनों पर सीसीटीवी, पेयजल, साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहे। वहीं उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओ? से रक्षाबंधन पर फर्स्ट एड की अलग से व्यवस्था भी बस स्टेशनों पर की जाए। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, अधिक किराया वसूली तथा अन्य अनियमितताओं के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई के निर्देश दिए। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, नशे में वाहन चलाने तथा मालवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों में यात्रियों के अनधिकृत परिवहन पर सख्ती की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन आॅवर का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। राहत एवं बचाव केंद्रों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाए, ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम राहत एवं बचाव केंद्र, ट्रॉमा केयर और एंबुलेंस तक तत्काल पहुंच बनाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने परिवहन व्यवस्था को नागरिक सुविधा से सीधे जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, सरल और तकनीक आधारित बनाया जाए। रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों की यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि त्योहार के दौरान किसी यात्री को अनावश्यक परेशानी न हो।
