Dainik Athah

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुर्जर कुनबे को सहेजने में जुटा रालोद नेतृत्व

रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की अध्यक्षता में हुई गुर्जर समाज की बैठक

रालोद संगठन में गुर्जर समाज को दिया जायेगा महत्व

जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को निर्देश समाज में बढ़ायें सक्रियत



अथाह ब्यूरो
नयी दिल्ली
। राष्टÑीय जनतांत्रिक (राजग) गठबंधन के अहम घटक राष्टÑीय लोकदल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के 2027 के चुनाव के मद्देनजर अब गुर्जर समाज में अपनी पैठ बढ़ानी शुरू कर दी हैै। रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने इस बैठक के माध्यम से गुर्जर समाज को बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है।
बता दें कि इस समय सभी राजनीतिक दलों की निगाह 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव पर है। 2027 के मद्देनजर पिछले दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गौतमबुद्धनगर के दादरी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गुर्जर समाज की बड़ी जनसभा की थी, इसके जवाब में अगस्त के प्रारंभ में भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर के स्वागत समारोह के माध्यम से गुर्जर समाज को जोड़ने का काम किया। दोनों ही दलों ने यह संदेश दिया था कि गुर्जर समाज उनके साथ है।
अखिलेश यादव की जनसभा के बाद ही भाजपा ने बढ़ते दबाव के चलते पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाकर सपा के पीडीए की काट का प्रयास किया था। हालांकि इस जनसभा के बाद भाजपा के राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर भाजपा की केंद्रीय टीम में मंत्री पद से बाहर हो गये।
अब इसी के मद्देनजर रालोद ने भी गुर्जर समाज को साधने के लिए कमर कस ली है। बुधवार को दिल्ली के रफीमार्ग स्थित वीपी हाऊस में हुई रालोद की बैठक की अध्यक्षता पार्टी के मुखिया एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने की। इस दौरान रालोद संसदीय दल के अध्यक्ष केसी त्यागी की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण थी। बैठक में रालोद सांसद चंदन चौहान, खतौली विधायक मदन भैया, यशवीर सिंह, पूर्व सांसद मलूक नागर, लखीराम नागर समेत रालोद के गुर्जर समाज के वर्तमान विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व एमएलसी समेत प्रमुख लोग उपस्थित थे।

बैठक में जयंत चौधरी ने गुर्जर नेताओं को संदेश दिया कि 2027 के मद्देनजर समाज को रालोद के साथ अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने के लिए समाज में संपर्क बढ़ाया जाये। इसके साथ ही संदेश दिया गया कि समाज के नेताओं का समायोजन संगठन में भी किया जायेगा। इतना ही नहीं गुर्जर बहुल सीटों पर समाज को प्रतिनिधित्व देने का संदेश भी दिया गया। रालोद सूत्रों के अनुसार रालोद गुर्जर समाज को अधिक से अधिक संख्या में अपने साथ जोड़कर 2027 के चुनावों में भाजपा पर दबाव बनाने का प्रयास भी करेगा। सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण बैठक भी होगा।

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