Dainik Athah

श्रावण मास में पड़ेंगे दो ग्रहण, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण

दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे

 शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद के आचार्य पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार इस बार श्रावण के महीने में दो ग्रहणों का योग बन रहा है। पहला सूर्य  ग्रहण  जो श्रावण कृष्ण अमावस्या बुधवार दिनांक 12 अगस्त 2026 को भारतीय समय के अनुसार रात्रि 21:04 बजे से आज रात्रि के पश्चात 1:28 तक यह ग्रहण होगा। यह ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, पुर्तगाल ,रूस, स्पेन, अल्जीरिया ,बेलारूस, बेल्जियम, ब्राजील ,कनाडा ,डेनमार्क, फ्रांस, लीबिया ,फिनलैंड, माली, माल्टा ,नीदरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड ,रोमानिया, स्वीडन, स्वीटजरलैंड, यूक्रेन, अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों में देखा जाएगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा ।इसलिए यहां पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा।

 दूसरा चंद्र ग्रहण श्रावण शुक्ल पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समय के अनुसार प्रातः 8:04 बजे से 11:22 बजे तक यह ग्रहण पड़ेगा ।यह ग्रहण कनाडा, अमेरिका, मेक्सिको ,ग्रीनलैंड, वेनेजुएला ,कोलंबिया, पेरू, ब्राज़ील, चिली ,अर्जेंटीना, उरुग्वे,  नॉर्वे, स्वीडन, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, रोमानिया, अल्जीरिया, सूडान ,सऊदी अरब, दक्षिणी अफ्रीका सहित संपूर्ण अफ्रीका महाद्वीप में देखा जा सकेगा। भारत में यह ग्रहण भी दिखाई नहीं देगा।इन दोनों का भारतवर्ष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा ना कुछ सूतक आदि विचार करने योग्य है। वृहत् संहिता में एक मास में दो ग्रहण होने पर उसका यह फल बताया गया है:*मासे ग्रहणद्वयं यत्र तत्रयुद्धं प्रजाक्षयम्*।*दुर्भिक्षं रोगबहुलं राजपीड़ा च जायते।।*अर्थात जिस मास में दो ग्रहण हो वहां युद्ध की आशंका, जनहानि, रोगों की वृद्धि, अन्नसंकट, राजनेताओं मे द्वन्द्व उत्पन्न करता है।उपरोक्त प्रभाव वहां पड़ते हैं जिन स्थानों पर यह ग्रहण होते हैं ।इसलिए भारत को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।

पंडित शिवकुमार शर्मा, ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु कंसलटेंट, गाजियाबाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *