हरनंदीपुरम योजना को मिली बड़ी रफ्तार
आधुनिक समेकित टाउनशिप के विकास का मार्ग हुआ और प्रशस्त

अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम योजना को उत्तर प्रदेश सरकार से एक महत्वपूर्ण वित्तीय संबल प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तार/नये शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 943.37 करोड़ की अवशेष सीड कैपिटल स्वीकृत की गई है, जिससे योजना के भूमि अर्जन एवं आधारभूत विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। यह स्वीकृति शासन द्वारा 31 जुलाई को जारी आदेश के माध्यम से प्रदान की गई है।
हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की अब तक की सबसे बड़ी और दूरदर्शी आवासीय टाउनशिप परियोजनाओं में से एक है। यह परियोजना लगभग 501 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आठ गांवों—मथुरापुर, शमशेर, चम्पतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोरटा एवं मोरटी—में विकसित की जा रही है। परियोजना का प्रथम चरण लगभग 48 हेक्टेयर भूमि पर प्रारंभ किए जाने की तैयारी है।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि एक आधुनिक, सुव्यवस्थित, हरित एवं सतत शहरी विकास मॉडल स्थापित करना है। योजना में गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत, वर्षा जल संचयन, हरित क्षेत्र, सामाजिक एवं सामुदायिक सुविधाओं सहित आधुनिक नगरीय अवसंरचना विकसित की जाएगी। शासनादेश में भी पर्यावरण संरक्षण, भू-जल संवर्धन, तकनीकी स्वीकृतियों, गुणवत्ता नियंत्रण तथा सभी वैधानिक अनुमतियों का पालन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
शासन द्वारा स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप ही किया जाएगा तथा परियोजना की प्रत्येक गतिविधि वित्तीय एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप संपादित की जाएगी। इसके साथ ही भूमि अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता एवं प्रचलित विधिक प्रावधानों के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी।
हरनंदीपुरम योजना दिल्ली-एनसीआर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय एकीकृत टाउनशिप के रूप में विकसित की जा रही है। राजनगर एक्सटेंशन के समीप स्थित यह परियोजना नमो भारत कॉरिडोर, मेट्रो, प्रमुख एक्सप्रेसवे तथा प्रस्तावित आउटर रिंग रोड जैसी उत्कृष्ट कनेक्टिविटी से लाभान्वित होगी, जिससे यह आवासीय एवं निवेश—दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना बन रही है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने आश्वस्त किया कि शासन द्वारा प्रदान की गई यह वित्तीय स्वीकृति हरनंदीपुरम योजना के विकास कार्यों को नई गति प्रदान करेगी तथा भविष्य में यह परियोजना गाजियाबाद की पहचान एक सुनियोजित, आधुनिक और आत्मनिर्भर नगर विस्तार के रूप में स्थापित करेगी। योजना के पूर्ण होने पर हजारों परिवारों को गुणवत्तापूर्ण आवास, आधुनिक नागरिक सुविधाएं तथा बेहतर जीवन-परिवेश उपलब्ध होगा, जिससे गाजियाबाद के संतुलित एवं नियोजित शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।
