पंजाब के बाद शनिवार से भाजपा के राष्टÑीय अध्यक्ष का दो दिवसीय उप्र दौरा
उत्तर प्रदेश में बेपटरी हो चुके संगठन और गुटबाजी पर अंकुश लगाना कठिन कार्य
राम मंदिर प्रकरण भी आने वाले चुनावों में बढ़ायेगा भाजपा की चुनौती

अशोक ओझा
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा ने पश्चिमी बंगाल तो जीत लिया, लेकिन उत्तर प्रदेश के संगठन को पटरी पर लाना उनके लिए कठिन चुनौती होगी।
नितिन नबीन उत्तर प्रदेश में भाजपा की टीम पंकज चौधरी की घोषणा के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। यह पहले से तय था कि उनके आने से पहले उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश टीम घोषित हो जायेगी। नितिन नबीन के राष्टÑीय अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा ने पश्चिमी बंगाल में भगवा फहरा दिया, लेकिन यह माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।
पटरी से उतरे संगठन और गुटबाजी पर लगाम लगाना बड़ी चुनौती
यह माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नवंबर माह में यानि 2026 में ही होंगे। अब चूंकि समय कम है ऐसे में गुटों में बंटी भाजपा और पटरी से उतरे संगठन को पटरी पर लाना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थिति यह है कि पार्टी के बड़े नेता हो या फिर संगठन पदाधिकारी सभी की कार्यकर्ताओं से दूरी लगातार बढ़ रही है। वहीं, कार्यकर्ताओं की बात करें तो प्रदेश में बड़ी संख्या में निगमों, आयोगों एवं प्राधिकरणों में पद खाली पड़े हैं। इनके ऊपर किसी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों पर भी कार्यकर्ता सवाल उठाते हैं। एक स्थिति यह भी है कि प्रदेश का जिला संगठनों पर नियंत्रण है ऐसा नजर नहीं आता। इसका कारण यह है कि प्रदेश के जिम्मेदार भी ऐसे पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पाते हैं।
राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण में कैसे संतुष्ट करेंगे समर्थकों को
राम मंदिर की स्थापना भाजपा का मास्टर स्ट्रोक था, लेकिन चंदा चोरी प्रकरण एवं जिम्मेदारों पर कार्यवाही न होने के कारण भाजपा विपक्ष के निशाने पर है। जिस राम मंदिर के नाम पर भाजपा मतदाताओं को अपने पक्ष में कर रही थी अब चंदा चोरी सामने आने के बाद भाजपा बैकफुट पर नजर आ रही है। चुनाव से पहले चढ़ावा चोरी मामले में राम भक्तों को संतुष्ट नहीं किया गया तो यह भाजपा के लिए नुकसान दायक हो सकता है।
प. बंगाल में हिंदू- मुस्लिम तो उप्र में जातीयता
पश्चिमी बंगाल में हिंदू- मुस्लिम प्रकरण हावी था। ममता बनर्जी को भाजपा ने हिंदुओं की उपेक्षा और मुस्लिमों की हितैषी होने का आरोप लगाकर घेरा, लेकिन उत्तर प्रदेश में इससे बड़ा मुद्दा जातीयता है। इससे निपटना भी भाजपा के लिए कठिन होगा। यह संदेश भी जा रहा है कि जो जाति हावी हो जाती है उसे सबकुछ दे दिया जाता, इससे अन्य जातियों में नाराजगी है।
बूथ कमेटियां- पन्ना प्रमुख धरातल पर नहीं दिखते
कार्यकर्ताआें की हाताशा और जिलाध्यक्षों द्वारा कागजों का पेट भरने की नीति के चलते स्थिति यह है कि बूथ कमेटी और पन्ना प्रमुख जिनके दम पर भाजपा चुनाव जीतती है उत्तर प्रदेश में यह केवल कागजों पर है। इस स्थिति में नितिन नबीन क्या करेंगे यह बड़ा सवाल है।
