पहली बार किसी क्षेत्रीय दल ने परिवार से बाहर निकाला संसदीय बोर्ड अध्यक्ष पद
किसी भी राजनीतिक दल की सुप्रीम कमेटी होती है संसदीय बोर्ड
त्यागी समाज को जोड़ने के साथ ही संगठन का अन्य क्षेत्रों में विस्तार का जयंत चौधरी ने दिया संकेत
अशोक ओझा
नयी दिल्ली। संसदीय बोर्ड किसी भी राजनीतिक दल की सुपर पॉवर कमेटी होती है। यदि राष्टÑीय लोकदल की बात करें तो रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ राजनीतिज्ञ केसी त्यागी को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय दलों के सामने भी बड़ी लकीर खींच दी कि, राजनीतिक परिपक्वता उन्हें विरासत में मिली है।
क्या है संसदीय बोर्ड
राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वालों में अधिकांश को यह पता नहीं कि संसदीय बोर्ड या दल क्या होता है। संसदीय बोर्ड किसी पार्टी की वह सर्वोच्च कार्यकारी समिति होती है, जो पार्टी के महत्वपूर्ण रणनीतिक, संगठनात्मक और राजनीतिक फैसले लेती है। इसके मुख्य कार्य उम्मीदवारों का चयन, चुनाव रणनीतियां तय करना और सरकार बनाने या गिराने जैसे मामलों में अंतिम निर्णय लेना होता है। इसके साथ ही संगठन के फैसले जैसे पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और प्रमुख संगठनात्मक नियुक्तियों पर फैसला लेने का काम करता है।
जयंत चौधरी ने की बड़ी पहल, क्षेत्रीय दलों को दिया संदेश
रालोद मुखिया जयंत चौधरी ने अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह के साथ ही उस समय के अनेक नेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर चुके पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ राजनीतिक केसी त्यागी को रालोद संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर बड़ा संदेश दिया है। पहली बार किसी क्षेत्रीय दल ने इस पद को अपने परिवार के बाहर निकाला है। यदि क्षेत्रीय दलों को देखें तो अधिकांश में दल का मुखिया ही संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष होता है अथवा परिवार का कोई सदस्य। लेकिन, जयंत चौधरी संसदीय बोर्ड में सदस्य के रूप में है।
रालोद का पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बाहर विस्तार करना चाहते हैं जयंत
जिस प्रकार रालोद मुखिया एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने केसी त्यागी को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया है उसके जरिये उन्होंने संदेश दिया है कि उनके अनुभव का लाभ लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बाहर भी संगठन का विस्तार किया जाये। इसका संकेत इससे भी मिलता है कि हरियाणा से मेजर जनरल विशम्बर दयाल, किसान नेता युद्धवीर सिंह, पूर्व मंत्री अशोक यादव, पूर्व सांसद तारीफ सिंह एवं राजस्थान के पूर्व विधायक अब्दुल सगीर खान को संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है।
त्यागी समाज पर भी है जयंत चौधरी की नजर
जयंत चौधरी की नजर त्यागी समाज पर भी है। भाजपा से खफा चल रहे त्यागी समाज को भाजपा का कट्टर वोटर माना जाता है, लेकिन प्रदेश मंत्रिमंडल में किसी त्यागी को स्थान न मिलने तथा किसी भी जिले में त्यागी जिलाध्यक्ष न होने से समाज में उत्पन्न नाराजगी का लाभ वे केसी त्यागी के माध्यम से उठाना चाहते हैं। केसी त्यागी के पुत्र अमरीश त्यागी को पहले ही संगठन की बैठकों में केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त कर वे पहले भी इसका संकेत दे चुके हैं।
अब केसी त्यागी के कंधों पर रालोद मुखिया जयंत चौधरी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें भी बड़े नेताओं जिनके साथ वे रह चुके हैं जिनमें चौधरी चरण सिंह, लोक नायक जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, राजनारायण, चौधरी देवी लाल, जार्ज फर्नांडिस, शरद यादव, नीतिश कुमार के साथ रहते हुए जो अनुभव हासिल किया है उसे पार्टी का विस्तार कर एवं अनुशासन कायम कर उसे दिखाना होगा।
