Dainik Athah

पंजाब जीतने की तमन्ना ‘यूपी में पंजाबियों’ की ही उपेक्षा!

भाजपा की प्रदेश कमेटी को लेकर पार्टी में ही उठ रहे सवाल

भाजपा को पूरे प्रदेश में नहीं मिला कोई पंजाबी चेहरा

ब्राह्मणों, त्यागियों – ठाकुरों की उपेक्षा का भी लगाया जा रहा आरोप

अनेक कार्यकर्ताओं ने पूरा जीवन लगा दिया पार्टी की सेवा में


अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
भारतीय जनता पार्टी की छह माह से अधिक के इंतजार के बाद प्रदेश कमेटी घोषित तो हुई, लेकिन इस कमेटी पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जहां ब्राह्मणों एवं ठाकुरों की कमेटी में उपेक्षा की गई है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा की नजर पंजाब में विधानसभा चुनाव जीतने की है, लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे विशाल प्रदेश में भाजपा को कोई पंजाबी चेहरा नहीं मिला जिसे प्रदेश कमेटी में सम्मान जनक पद दिया जा सके या फिर क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया जा सके। इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भाजपा की प्रदेश टीम में ब्राह्मणों, त्यागियों के साथ ही ठाकुरों की जमकर उपेक्षा हुई है। त्यागी समाज के हिस्से में केवल एक मंत्री पद आया है जिसको लेकर त्यागी समाज में खासा रोष है। त्यागी भी योजना बना रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में इस अपमान का बदला पार्टी से लिया जाये वह भी ठीक वैसा ही जैसा ठाकुरों ने लोकसभा चुनाव में लिया था। हालांकि ठाकुरों की नाराजगी अब भी कम नहीं हुई है। इतना अवश्य है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह जिन्हें लंबे इंतजार के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष पद मिला है के जिम्मे ठाकुरों की नाराजगी दूर करने की जिम्मेदारी मिल सकती है।
वहीं, ब्राह्मणों की बात करें तो पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही जिस प्रकार ब्राह्मण विधायकों ने बैठक की थी और पंकज चौधरी की तरफ से इन विधायकों को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी गई थी उसे भी ब्राह्मण समाज भूल नहीं पाया है। इसके साथ ही ब्राह्मणों के नाम पर जिन लोगों को पदाधिकारी बनाया गया है उनका कभी भाजपा से सीधे संबंध नहीं रहा।

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प्रदेश कमेटी में कुछ ब्राह्मण तो ऐसे शामिल किये गये हैं जो रहने वाले किसी और जिले के, लेकिन उन्हें किसी अन्य जिले से प्रदेश पदाधिकारी बना दिया गया। ऐसा ही कुछ एक यादव पदाधिकारी को लेकर चर्चा है कि वह दिल्ली में रहते हैं और प्रदेश टीम में यूपी में शामिल हो गये।

पंजाबी समाज को कैसे साधेगी भाजपा!

्रप्रदेश टीम में एक भी पंजाबी चेहरे को शामिल न किये जाने पर पंजाबी समाज में रोष है। भाजपा से जुड़े पंजाबी समाज के लोग कहते हैं कि भाजपा पंजाब में चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन यूपी में समाज की पूरी तरह से उपेक्षा कर कैसे वह पंजाब जीत पायेगी। एक वरिष्ठ पदाधिकारी कहते हैं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी तो पंजाबी है। कोई उन्हें बताये कि वे दोनों सरकार का हिस्सा है न कि संगठन का। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता तो ऐसे हैं जो चार माह लगातार पश्चिमी बंगाल में रह कर काम कर रहे थे। इससे पूर्व महीनों तक वे राजस्थान चुनाव में दिन रात लगे थे। इसके साथ ही पश्चिम के अन्य पंजाबी चेहरों के साथ ही प्रदेश में अनेक कार्यकर्ता है जिन्होंने पूरा जीवन पार्टी में लगा दिया।

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