टीम पंकज चौधरी में जाट- गुर्जरों का दबदबा
‘भाजापा’ यानि जो नजदीक हो उसे ही मिल गया लाभ
दो क्षेत्रीय अध्यक्षों का समायोजन, पश्चिम वालों को क्यों किया दरकिनार
अशोक ओझा
गाजियाबाद। गुरूवार को छह माह से अधिक के इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने टीम पंकज की घोषणा कर दी। टीम पंकज में कुछ लोगों को जहां उनकी मेहनत का फल मिला, वहीं दूसरी तरफ टीम में सपा के पीडीए का डर, आंख दिखाये उसे सबकुछ परोस देना और नजदीकियों की झोली भरने जैसे अनेक तथ्य देखने को मिल रहे हैं।
मई की तपती गर्मी में अखिलेश यादव गौतमबुद्धनगर के दादरी में आये थे और पीडीए की हुंकार भर गये थे। इसका परिणाम यह हुआ कि जिस गुर्जर समाज के मंत्री को हटाने की चर्चा थी उनकी पदोन्नति कर दी गई। इसके साथ ही अब गुर्जर समाज के ही नवाब सिंह नागर को पश्चिम का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। इसे भी अखिलेश की काट से जोड़कर देखा जा रहा है। बात यहीं नहीं रूकती गुर्जर समाज से ही महामेधा नागर को भी प्रदेश मंत्री बनाया गया है। महामेधा अब तक मीडिया विभाग में थी, लेकिन उनका कुछ विशेष कार्य कभी नजर नहीं आया।
जाट समाज को देखा जाये तो देवेंद्र सिंह चौधरी को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं एमएलसी मोहित बेनीवाल को दोबारा उपाध्यक्ष का दायित्व मिला है। इतना ही नहीं मथुरा जिले की मांट विधानसभा से विधायक राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री बना दिया गया है। वहीं विधायक पूजा पाल को भी प्रदेश टीम में स्थान दिया गया है। अब कोई यह बताये कि विधायक चुनाव लड़ेंगे या संगठन का काम करेंगे। महत्वपूर्ण यह भी है कि वैश्य समाज के अनूप गुप्ता को कमेटी से बाहर कर दिया गया है।
जुगाड़ वालों का खूब चला जुगाड़
जुगाड़ की बात करें तो महामेधा नागर के साथ ही कुछ दिन पूर्व मीडिया विभाग से जुड़े दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि हीरो वाजपेयी, अवनीश त्यागी, राकेश त्रिपाठी आदि को दरकिनार किया गया। इसके साथ ही एक खबरिया चैनल से जुड़े पत्रकार यतेंद्र शर्मा को प्रदेश मंत्री बनाया गया है। अब कोई बताये कि इन पत्रकारों ने पार्टी के लिए कब काम किया। यहीं कहा जा सकता है कि किसी न किसी बड़े नेता की नजदीकी का लाभ इन्हें मिला।
पाल और सहजानंद राय को प्रदेश टीम में किया समाहित
महत्वपूर्ण बात यह है कि कानुपर के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल को जहां पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, वहीं दूसरी तरफ गोरखपुर के सहजानंद राय को प्रदेश में मंत्री नियुक्त किया गया है, लेकिन पश्चिम के सत्येंद्र सिसौदिया को स्थान नहीं दिया गया।
