-56 भवनों पर सीलिंग समेत कार्रवाई शुरू, बहुमंजिला इमारतों, अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और होटल-रेस्टोरेंटों की व्यापक जांच;
-फायर विभाग को 100 करोड़ की सहायता

अथाह संवाददाता,
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने पूरे जनपद में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर विशेष अभियान तेज कर दिया है। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्राधिकरण ने समूह आवासीय सोसायटियों, अस्पतालों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य बहुमंजिला भवनों की व्यापक जांच शुरू कर दी है।जीडीए की प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय परीक्षण के माध्यम से फायर एनओसी तथा अन्य सुरक्षा प्रबंधों की जांच की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान जिन भवनों में अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) उपलब्ध नहीं मिली या अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।206 मामलों में मिली खामियां, 56 पर कार्रवाई शुरूप्राधिकरण के अनुसार अब तक किए गए निरीक्षणों में लगभग 206 ऐसे प्रकरण सामने आए हैं, जहां अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमियां पाई गईं। इनमें से 56 मामलों में सीलिंग और अन्य प्रवर्तनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित या प्रारंभ की जा चुकी है। शेष मामलों की जानकारी संबंधित विभागों को भेजी गई है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

आरडब्ल्यूए को जारी किए निर्देशजीडीए ने जिले की उन सभी समूह आवासीय सोसायटियों की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को पत्र जारी किया है, जहां आरडब्ल्यूए का गठन हो चुका है। पत्र में फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य अग्नि सुरक्षा उपकरणों को पूरी तरह क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही समय-समय पर निरीक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है।फायर विभाग को मिली 100 करोड़ की सहायताअग्निशमन सेवाओं को और अधिक सक्षम बनाने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने फायर विभाग को लगभग 100 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। इस धनराशि से आधुनिक अग्निशमन उपकरण, हाईराइज फायर फाइटिंग मशीनरी तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बहुमंजिला इमारतों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर तेजी और प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सकेगा।
विभिन्न जोनों में लगातार चल रहा निरीक्षणप्राधिकरण द्वारा गठित विशेष टीमें प्रभारी प्रवर्तन अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग जोनों में लगातार निरीक्षण और सत्यापन का कार्य कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा तथा अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले भवन स्वामियों और संस्थानों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जीडीए की आम जनता से अपीलजीडीए ने नागरिकों और संस्थानों से अपील की है कि—फायर ड्राइव-वे और आपातकालीन निकास मार्गों को अवरोधमुक्त रखें।फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और हाइड्रेंट सिस्टम का नियमित रखरखाव कराएं।फायर एनओसी का समय पर नवीनीकरण कराएं।स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किसी प्रकार का निर्माण या अतिक्रमण न करें।प्रशिक्षित फायर सेफ्टी स्टाफ की नियुक्ति करें।
समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर कर्मचारियों और निवासियों को जागरूक बनाएं।जनसुरक्षा पर जीडीए का जोरजीडीए अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित और आपदा-प्रतिरोधी शहरी वातावरण का निर्माण प्राधिकरण की प्राथमिकता है। जनसहभागिता और विभिन्न विभागों के समन्वय से जिले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।”अग्नि सुरक्षा केवल एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का आधार है।”
