Dainik Athah

1857 की जनक्रांति से जुड़े पांच गांवों के विकास की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कुम्हैड़ा, खिंदौड़ा, भनेड़ा, सुहाना और ग्यासपुर में स्मृति स्थल व मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की उठाई मांग

अथाह व्यूरो,

लखनऊ। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  से मुलाकात कर गाजियाबाद जनपद के पांच ऐतिहासिक गांवों कुम्हैड़ा, खिंदौड़ा, भनेड़ा, सुहाना और ग्यासपुर के विकास को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में इन गांवों के अतुलनीय योगदान का उल्लेख करते हुए इनके समग्र विकास की मांग की गई।

अवनीश त्यागी ने बताया कि वर्ष 1857 की आजादी की पहली लड़ाई में इन गांवों के ग्रामीणों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ जोरदार विद्रोह किया था, जिसके चलते अंग्रेजों ने इन्हें “बागी गांव” घोषित कर दिया था। इसके बाद ग्रामीणों पर भारी अत्याचार किए गए और किसानों से उनकी जमीनों का मालिकाना हक भी छीन लिया गया।

ज्ञापन में कहा गया कि स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाने के बावजूद पूर्ववर्ती सरकारों ने इन गांवों की उपेक्षा की, जिसके कारण आज भी यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। गांवों में इंटरमीडिएट कॉलेज, डिग्री कॉलेज और अस्पताल जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं हैं।

अवनीश त्यागी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि इन गांवों को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए तथा 1857 के क्रांतिकारियों की स्मृति में प्रेरणा स्मृति स्थल का निर्माण कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां देश के बलिदानियों के योगदान को याद रख सकें।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 10 मई 1857 को मेरठ से सैनिक क्रांति शुरू होने के बाद 11 मई 1857 को इन गांवों से जनक्रांति की शुरुआत मानी जाती है। इसी संघर्ष के दौरान ब्रिटिश सेना के चार बड़े अधिकारी भी मारे गए थे।

अवनीश त्यागी ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इन ऐतिहासिक गांवों को उनका सम्मान और विकास दोनों मिल सकेगा।

शहीद स्थली को कब्जामुक्त कराने की मांग, अवनीश त्यागी ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

हापुड़। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर हापुड़ स्थित स्वतंत्रता सेनानियों की शहीद स्थली को कब्जामुक्त कराने एवं उसके सुंदरीकरण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि 11 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान हापुड़ के अतरपुरा चौराहा स्थित भवन पर ब्रिटिश पुलिस ने गोलियां चलाई थीं, जिसमें चार स्वतंत्रता सेनानी शहीद हुए थे। इस संघर्ष में अनुसूचित जाति सहित अन्य वर्गों के लोगों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी थी। भवन पर आज भी ब्रिटिश पुलिस की गोलियों के निशान मौजूद हैं, जो स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाते हैं।

अवनीश त्यागी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में यह स्मृति स्थल अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है और उपेक्षा का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत काल में शहीदों के बलिदान का सम्मान होना चाहिए तथा इस ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि शहीद स्थली को कब्जामुक्त कराकर उसका सुंदरीकरण कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र आराधना की भावना मजबूत हो सके।

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