एक तरफ जहां अनेक प्रदेश पदाधिकारी पद बचाने की जुगाड़ में वहीं पंकज सिंह पेश कर रहे मिसाल
पहले भी चिरई गांव से विधानसभा चुनाव में मिला टिकट किया था वापस
भाजयुमो का प्रदेश अध्यक्ष घोषित होने के बाद दिया था इस्तीफा

अशोक ओझा
लखनऊ/ नोएडा। एक तरफ जहां पद पर बने रहने के लिए नेता हर तिकड़म और चाल का प्रयोग करते हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोएडा से लगातार दूसरी बार विधायक पंकज सिंह राजनीति के क्षेत्र में कुछ न कुछ नया करने के साथ ही शुचिता और ईमानदारी की मिसाल पेश करते हैं। सूत्रों के अनुसार उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को इशारा किया है कि अब उनके स्थान पर नये कार्यकर्ताओं को अवसर दिया जाये।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ज्येष्ठ पुत्र और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह नोएडा से लगातार दूसरी बार विधायक है। पंकज सिंह भाजपा की प्रदेश टीम में मंत्री, महामंत्री, उपाध्यक्ष समेत युवा मोर्चा में भी विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। बताते हैं कि वे पिछले 20 वर्षों से प्रदेश टीम में पदाधिकारी है।
सूत्रों के अनुसार उन्होंने इस बार प्रदेश नेतृत्व को इशारा किया है कि वे 20 साल से पदाधिकारी होने के साथ ही नौ वर्षों से विधायक भी है। अब नये और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को अवसर मिलना चाहिये। उन्होंने इसके साथ ही खुद को भी पदाधिकारी बनने को लेकर अनिच्छा व्यक्त की है। इसका कारण यहीं है कि नये कार्यकर्ताओं को मौका मिलना चाहिये। बताते हैं कि पिछले दिनों लखनऊ के एक पत्रकार ने जब उनसे मुलाकात की तो उन्होंने यह बात उनसे भी बता दी।

समय समय पर मिसाल पेश करते रहे हैं पंकज सिंह
पंकज सिंह समय समय पर कार्यकर्ताओं के लिए मिसाल पेश करते रहे हैं। 2007 में उन्हें वाराणसी जिले चिरई गांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट दिया गया था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए टिकट वापस कर दिया था कि वे संगठन में काम करेंगे। बता दें कि चिरई गांव विधानसभा का नाम 2008 में बदलकर शिवपुर हो गया। यह विधानसभाप चंदौली लोकसभा का हिस्सा है। ऐसे बिरले ही होते हैं जो टिकट वापस कर दे। इसके बाद उन्होंने संगठन में मनोयोग से काम किया।
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष पद से भी दिया था तीन दिन बाद इस्तीफा
पंकज सिंह को 2007 में ही भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। लेकिन उन्होंने उस समय भी प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर रमापति राम त्रिपाठी थे। सूत्रों के अनुसार उस समय भाजपा के राष्टÑीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह थे। यहीं कारण था कि पंकज सिंह ने इस्तीफा दिया कि लोग कहेंगे पिता जी की कृपा से पंकज सिंह भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष बनें हैं।
नोएडा में कार्यशैली से मनवाया लोहा
पंकज सिंह ने नोएडा में अपनी कार्यशैली का लोहा भी मनवाया है। वे बूथ और पन्ना प्रमुखों तक से सीधे मिलते हैं तथा हर कार्यकर्ता के सुखदुख में साझी होते हैं।
