सीएम योगी का कैबिनेट विस्तार, अगड़े हुए फिसड्डी
सवर्ण समाज पिछड़ों से पिछड़ गया मंत्रिमंडल विस्तार में
भाजपा संगठन के इशारे पर विस्तार में कौन सा जातीय गणित साधा गया
अशोक ओझा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बहु प्रतिक्षित दूसरा कैबिनेट विस्तार रविवार को हो गया। पहले जो खबरें आ रही थी उसके अनुसार निष्क्रिय और दागी मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा, लेकिन दागी में से पदोन्नति दे दी गई जो लोगों के गले नहीं उतर रही।
रविवार को राज्यपाल ने प्रदेश सरकार के आठ मंत्रियों को शपथ दिलाई। इनमें से दो को पदोन्नति दी गई है। कैबिनेट विस्तार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के साथ ही सपा से आये मनोज पांडेय को मंत्री बनाया गया। इन दोनों के मंत्री बनने की उम्मीद पहले से ही लगाई जा रही थी। इनके साथ ही कृष्णा पासवान, सुरेंद्र सिंह दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा एवं कैलाश सिंह राजपूत नये मंत्री के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल हुए है। जबकि मेरठ दक्षिण से विधायक सौमेंद्र तोमर जो गुर्जर समाज से आते हैं के साथ ही अजीत सिंह पाल को पदोन्नति देकर स्वतंत्र प्रभार का राज्यमंत्री बनाया गया है।
सोमेंद्र तोमर को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी कि उनकी शिकायतें अधिक है इस कारण इस बार उन्हें मंत्री पद से हटाया जा सकता है। इसके साथ ही कई और निष्क्रिय एवं दागी के साथ ही ऐसे मंत्री जिनका काम अच्छा नहीं है को हटाया जा सकता है। लेकिन किसी मंत्री को हटाना तो दूर दो को पदोन्नति दे दी गई। इसको लेकर संघ से जुडेÞ लोगों के साथ ही भाजपा में आश्चर्य जताया जा रहा है। कुछ मंत्री ऐसे भी थे जिनको मुख्यमंत्री हटाना चाहते थे, लेकिन हटा नहीं पाये। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा अखिलेश के गुर्जर समाज के दाव से डर गई।
यह भी माना जा रहा था कि कुछ मंत्रियों को हटाकर उनके स्थान पर नये मंत्रियों को शपथ दिलाकर भाजपा एवं प्रदेश् सरकार जातीय समीकरण साध लेगी, लेकिन ऐसा हुआ कुछ नहीं। इससे उन विधायकों को निराश होना पड़ा है जिनको मंत्री बनने की उम्मीद थी। यह भी माना जा रहा था पश्चिम में त्यागी बिरादरी को साधने के लिए किसी त्यागी को भी मंत्री पद मिल सकता है, लेकिन उन्हें भी निराशा हाथ लगी।
पिछड़ों से पिछड़ गया सवर्ण समाज
यदि मंत्रिमंडल विस्तार को देखें तो मंत्रिमंडल में पिछड़े समाज के मंत्रियों की संख्या 25 हो गई, वहीं दलित समाज के मंत्रियों की संख्या दस एवं सामान्य वर्ग के मंत्रियों की संख्या 21 हो गई। अब देखना यह होगा कि भाजपा का मंत्रिमंडल विस्तार सपा के पीडीए की कितनी काट कर पायेगा।
