प्रधानमंत्री ने वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में 6,330 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
नीति निर्माण तथा राष्ट्र के भविष्य से जुड़े फैसलों में बहनों और बेटियों की भूमिका और बढ़नी चाहिए
प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी के 3,21,813 दुग्ध उत्पादकों को 105 करोड़ रु0 से अधिक का बोनस हस्तान्तरण तथा बनारस से पुणे एवं अयोध्या से मुम्बई, दो नयीअमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का फ्लैग आॅफ किया
काशी माता श्रृंगार गौरी, अन्नपूर्णा, संकठा, विशालाक्षी और माँ गंगा जैसी दिव्य शक्तियों की भूमि, यहां आयोजित महिला सम्मेलन नारी शक्ति के वन्दन और विकास का उत्सव : प्रधानमंत्री
दोनों अमृत भारत ट्रेनें उ0प्र0 और महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी को और बेहतरीन करेंगी: मोदी
सभी ने उप्र में अपनी आंखों से हालात को बदलते हुए देखा, बेटियों के विरुद्ध गलत सोच रखने वाला भली-भांति जानता कि हमारी सरकार में उसका अंजाम क्या होगा
हमारी सरकार का मतलब ‘नारी का सशक्तिकरण, नारी का उत्थान और नारी का जीवन आसान’: नरेंद्र मोदी
देश के नागरिकों की पढ़ाई, कमाई, दवाई और सुनवाई हमारी प्राथमिकता, इसी भाव के साथ काशी के विकास को विस्तार दिया गया: प्रधानमंत्री

अथाह ब्यूरो
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि काशी माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता संकठा, माता विशालाक्षी और माँ गंगा जैसी दिव्य शक्तियों की भूमि है। इस पवित्र भूमि पर आयोजित महिला सम्मेलन को सभी उपस्थित माताओं और बहनों ने और दिव्य बना दिया है। आज का यह अवसर नारी शक्ति के वन्दन और विकास का उत्सव है। प्रधानमंत्री जी भोजपुरी में कहा कि वह काशी के ई भूमि पर सब माई-बहन के, काशी के बिटियन के प्रणाम करत हैं।
प्रधानमंत्री जी आज बनारस लोकोमोटिव वर्क्स ग्राउण्ड, वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 6,330 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 163 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद नितिन नबीन तथा केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी के 3,21,813 दुग्ध उत्पादकों को 105 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस हस्तान्तरण तथा बनारस से पुणे एवं अयोध्या से मुम्बई, दो नयी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का फ्लैग आॅफ भी किया। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के बैठने के लिए बनाये गये सेक्टर्स में जाकर उनका अभिवादन किया। प्रधानमंत्री को विभिन्न वर्गों की नारी शक्ति ने प्रतीक चिन्ह भेंट किये। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी की विरासत और धरोहर को सशक्त करने का अभियान निरन्तर चल रहा है। आज यहां काशी के अलग-अलग क्षेत्रों के विकास से जुड़ी हजारों करोड़ रुपयों की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास हुआ है। इनमें काशी और अयोध्या की कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए दो अमृत भारत ट्रेनों के फ्लैग आॅफ के कार्य भी शामिल हैं। काशी से पुणे तथा अयोध्या से मुम्बई, यह दोनों अमृत भारत ट्रेनें उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी को और बेहतरीन करेंगी। अब मुम्बई तथा पुणे सहित पूरे महाराष्ट्र के लोगों को काशी विश्वनाथ धाम तथा अयोध्या धाम आने का एक और आधुनिक विकल्प मिल गया है।
मोदी ने कहा कि भारत को विकसित बनाने का मिशन अनवरत जारी है। विकसित भारत का सबसे मजबूत स्तम्भ भारत की नारी शक्ति है। आज वह लोक सभा तथा विधान सभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करने के एक महायज्ञ की शुरूआत के लिए सभी बहनों और बेटियों से आशीर्वाद लेने काशी आए हैं। काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर देश हित के इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्हें नारी शक्ति का आशीर्वाद चाहिए। अभी कुछ दिनों पहले हमारा यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। लेकिन नारी शक्ति के आरक्षण को लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
आज हर क्षेत्र और हर मोर्चे पर भारत की बेटियां शानदार काम रही हैं। नीति निर्माण तथा राष्ट्र के भविष्य से जुड़े फैसलों में भी बहनों और बेटियों की भूमिका और बढ़नी चाहिए। देश को आज इसकी जरुरत है। इसके लिए भी ईमानदारी से कार्य किये जा रहे हैं। देश की नई संसद बनाये जाने के पीछे बहनों की भागीदारी बढ़ाया जाना भी एक कारण था। नई संसद में पहला काम हमने लोक सभा और विधान सभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ही किया। 40 वर्षां से महिलाओं के यह अधिकार लटके हुए थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2023 में संसद में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम पारित कराया। कानून बनाने के बाद उसे लागू करना भी आवश्यक है। इसके लिए विगत दिनों संसद में इस अधिनियम पर चर्चा रखी गयी। संविधान में संशोधन के लिए हम कानून लाए। इस संशोधन के बाद लोक सभा और विधान सभा में ज्यादा संख्या में बहनें पहुंचती। लेकिन परिवारवादी विपक्षी दलों के विरोध से यह संशोधन पारित नहीं हो पाया। जिन लोगों ने इसका विरोध किया, वह देश की बेटियों को संसद और विधान सभा में नहीं आने देना चाहते। उन्हें डर है कि इससे उनकी पारम्परिक राजनीति समाप्त हो जाएगी। लेकिन वह (प्रधानमंत्री) महिलाओं के आरक्षण अधिकारों को लागू कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। महिला शक्ति ऐसे लोगों की कुटिल मंशा को पहचान गयी है।
उन्होंने कहा एक महिला के सशक्त होने से पूरे परिवार को ताकत मिलती है। इससे समाज और देश मजबूत होता है। अतीत में महिलाओं को बहुत संघर्ष करना पड़ा। काशी की बहनों ने भी कई तरह की चुनौतियों का सामना किया। बेटियों को अक्सर अनेक प्रकार के सवालों से गुजरना पड़ता था। बेटियों पर निर्णय थोप दिए जाते थे। काशी के साथ ही देश की अधिकतर महिलाओं के अनुभव ऐसे ही हैं। इसे सहज मान लिया जाता था। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने ऐसी धारणाओं को तोड़ने का प्रयास किया। उस दौरान बेटियों के लिए समर्पित दो बड़ी योजनाएं शुरू की गयी। इनमें ज्यादा संख्या में बेटियों को स्कूल पहुंचाने के लिए ‘शाला प्रवेशोत्सव’ तथा बेटियों की फीस में मदद करने के लिए ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवानी निधि योजना’ शामिल थीं। तब से लेकर आज तक हमारी सरकार की नीतियों में महिला कल्याण को सर्वाच्च प्राथमिकता दी गयी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में आपने हमें सेवा का अवसर दिया। हमने देश में 12 करोड़ से अधिक शौचालय ‘इज्जत घर’ का निर्माण कराया, 30 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते खोले, ढाई करोड़ से अधिक घरों में विद्युत के कनेक्शन दिये। 12 करोड़ से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचाया। हमने अनेक बड़ी योजनाओं के केन्द्र में नारी शक्ति को रखा।
02 वर्ष पूर्व वाराणसी में सुकन्या समृद्धि से जुड़ा बहुत बड़ा अभियान चलाया गया था। उस समय काशी में एक ही माह में 27 हजार सुकन्या समृद्धि खाते खोले गये थे। हर बेटी के खाते में 300 रुपये भी प्रेषित किये गये थे। बेटियों की शिक्षा तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना बड़ी भूमिका निभा रही है। इस योजना से बेटियों की पढ़ाई को बल मिला है। मुद्रा योजना से बेटियों की कमाई सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना तथा आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से महिला शक्ति के इलाज की व्यवस्था की गयी है। पढ़ाई, कमाई और दवाई के साथ ही, करोड़ों बहनों के नाम पर पहली बार कोई सम्पत्ति रजिस्टर्ड हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के ज्यादातर आवास महिलाओं के नाम पर हैं। ‘आज हमार माई बहन सही में अपने घर क मलकिन बनत हइन’।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का पूरा जोर बहनों की सुरक्षा और सुविधा पर रहा है। यह दोनों बातें सशक्तिकरण की नींव को मजबूत करती हैं। आप सभी ने उत्तर प्रदेश में अपनी आंखों से हालात को बदलते हुए देखा है। कुछ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में बेटियों का घर से निकलना भी मुश्किल था। लेकिन आज बेटियों के विरुद्ध गलत सोच रखने वाला भली-भांति जानता है कि हमारी सरकार में उसका अंजाम क्या होगा। भारतीय न्याय संहिता ने बहनों और बेटियों का सुरक्षा का नया भरोसा दिया है। इसके तहत महिलाओं के विरुद्ध गम्भीर अपराधों में तेजी से फैसले आने लगे हैं। महिला थानों तथा परामर्श केन्द्रों का नेटवर्क भी लगातार बढ़ रहा है। आज यहां भी एक महिला पुलिस चौकी तथा परामर्श केन्द्र के भवन पर कार्य शुरू हुआ है। ऐसे कार्य महिलाओं को सुरक्षा की गारण्टी देते हैं।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सुविधा और सुरक्षा का विश्वास देने के साथ-साथ हमने बहनों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया है। विगत 11 वर्षां देश की लगभग 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ी गयी हैं। काशी की भी सवा लाख बहनें ऐसे समूहों से जुड़ी हैं। इन समूहों को लाखों रुपयों की मदद मिल रही है, जिससे बहनें अपना कार्य कर रही हैं। लगभग 03 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसमें बनारस की हजारों बहनें शामिल हैं। लखपति दीदी अभियान को गति देने में डेयरी सेक्टर की बड़ी भूमिका है। यहां बनास डेयरी से जुड़ी लाखों बहनें बहुत शानदार कार्य कर रही हैं। आज इन बहनों को बोनस के रूप में 106 करोड़ रुपये मिले हैं। ह्यअभी त शुरूआत भइल हौ, बनारस बढ़ी, बनारस डेरी बढ़ी, अउर ई बोनस भी बढ़त जाईह्ण।
हमारी सरकार बहनों को आत्मनिर्भर भी बना रही है और विकसित भारत अभियान को नेतृत्व भी दे रही है। डिजिटल पेमेन्ट को आगे बढ़ाने में हजारों बैंक सखियों की बड़ी भूमिका है। बीमा सखी, बीमा से जुड़े कार्यां को नेतृत्व दे रही हैं। प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने में कृषि सखियों की बड़ी भूमिका है। खेती में हो रही ड्रोन क्रान्ति का नेतृत्व हमारी नमो ड्रोन दीदियां कर रही हैं। बीते दशक में बेटियों को थल सेना, वायु सेना तथा नौसेना में नये अवसर मिले हैं। पहली बार सैनिक स्कूलों और डिफेन्स एकेडमी के दरवाजे भी बेटियों के लिए खोले गये हैं। हमारी सरकार का मतलब है ह्यनारी का सशक्तिकरण, नारी का उत्थान और नारी का जीवन आसानह्ण।
हमारी सरकार का एक ही मंत्र है ह्यनागरिक देवो भव:ह्ण। देश के नागरिकों की पढ़ाई, कमाई, दवाई और सुनवाई हमारी प्राथमिकता है। इसी भाव के साथ आज यहां काशी के विकास को विस्तार दिया गया है। गंगा जी पर सिग्नेचर ब्रिज बनने से पूर्वांचल की कनेक्टिविटी और सशक्त होगी। विगत एक दशक में काशी उत्तर और पूर्वी भारत का एक बड़ा आरोग्य हब बनकर उभरी है। 500 बेडेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल काशी के हेल्थ केयर ईकोसिस्टम को और मजबूत करेगा। आज 100 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी किया गया है। इससे गम्भीर बीमारियों के इलाज की सुविधा काशी को मिलेगी।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि गंगा जी की साफ-सफाई, घाटों के विकास एवं शासन-प्रशासन से जुड़े भवनों का निर्माण, हरहुआ और भवानीपुर में किसानों के लिए भण्डारण सुविधाएं, वृद्धाश्रम तथा महिला छात्रावास के निर्माण जैसे कार्य काशी के संवेदनशील विकास का ही प्रमाण है। इन कार्यां से वाराणसी के लोगों को सबसे अधिक लाभ होगा। सन्त कबीर स्थली का विकास और नगवा स्थित सन्त रविदास पार्क का जीर्णाद्धार इसी अभियान का हिस्सा है। हमारी काशी अविनाशी है। यह अनवरत चलने वाला शहर है। इसी तरह विकास का अभियान भी निरन्तर गतिमान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने काशी में प्रधानमंत्री जी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके विजन का परिणाम है कि हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। यह नया भारत भौतिक विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। साथ ही, समग्र विकास की अवधारणा को साकार करते हुए विरासत से विकास की नई यात्रा के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को भी पूरा कर रहा है। यह भारत को एक नई पहचान दिलाने वाला है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना का साकार रूप हम सभी को प्रत्येक क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि देश में चार ही जातियां हैं-नारी, गरीब, युवा एवं अन्नदाता किसान। इन्हीं चारों जातियों में हमारा समग्र समाज समाहित है। यह सभी चारों तबके समाज एवं राष्ट्र का समग्र प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रधानमंत्री जी ने अपनी दूरदृष्टि से इनको सभी योजनाओं के लाभ से जोड़ते हुए आर्थिक स्वावलम्बन, सम्मान तथा सुरक्षा प्रदान की है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काशी प्राचीन काल से ही भारत का आध्यात्मिक एवं
सांस्कृतिक केन्द्र रही है। विगत 12 वर्षों में काशी पूरी दुनिया के आकर्षण का केन्द्र बनी है। प्रधानमंत्री जी ने काशी के सम्बन्ध में लोगों की धारणा को बदला है। काशी बाबा विश्वनाथ की शाश्वत चेतना का केन्द्र बिन्दु थी, आज वह पुन: हम सभी को काशी विश्वनाथ धाम के रूप में देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री जी ने काशी से विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय प्रारम्भ किया है। यह काशी सहित पूरे उत्तर प्रदेश एवं देश में जीवन्त दिखाई दे रहा है। जिस काशी ने भारत की सनातन परम्परा को जीवन्तता प्रदान की और भारत की आत्मा को अपने अन्दर संजोए रखा, वही काशी आज एक नए कलेवर के रूप में हम सभी को दिखाई दे रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने विगत 12 वर्षों से नारी सुरक्षा, सम्मान व स्वालम्बन का अभियान अपने हाथों में लिया है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से वर्ष 2029 में देश की महिलाओं को लोक सभा व विधान सभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कर देश के कानून निमार्ता के रूप में प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया था। प्रधानमंत्री जी के इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया गया। इसके खिलाफ देश की आधी आबादी के मन में आक्रोश दिखाई दे रहा है। आज यहां प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता और आभार व्यक्त करने के लिए बहनें उपस्थित हुई हैं। यहां उपस्थित बहनें इस बात की गवाही भी दे रही हैं कि आधी आबादी प्रधानमंत्री जी के साथ मजबूती से खड़ी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि काशी ने विगत 12 वर्षों में एक लम्बी दूरी तय की है। इस दौरान प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में काशी को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य हुआ है। काशी में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं जमीनी धरातल पर उतरी हैं। वर्तमान में काशी में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं प्रगति पर हैं। आज यहां नारी वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी उपस्थित होकर 6,300 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर काशी को विकास की नई सौगात दे रहे हैं।
सांसद श्री नितिन नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देश की नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आधी आबादी के जीवन में व्यापक बदलाव आये हैं। आज महिलाएं देश को एक निर्णायक नेतृत्व दे रही हैं। काशी अनादि अनन्त संस्कृति की जीवन्त चेतना है, जिसनें सदियों से विश्व को दिशा दिखायी है। बाबा विश्वनाथ की पावन धरा काशी में आना उनके लिए सौभाग्य का विषय है।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल, आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 दयाशंकर मिश्र ह्यदयालुह्ण सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने श्री नितिन नबीन और श्री पंकज चौधरी के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
