अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्य, सिद्धांत हुए तार तार
जम कर चले एक दूसरी पर तीर, पार्टी के पदाधिकारी थे विवाद का कारण
बमुश्किल हो पाया बीच बचाव, लखनऊ तक हो रही गूंज
अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। अब तक तो एक राष्टÑीय पार्टी जो अनुशासित होने का दम भरती है उसका अनुशासन और सिद्धांत पहले तो पार्टी के उन पदाधिकारियों ने तार तार कर दिये जिन्होंने संबंधों या अन्य कारणों से पार्टी के पदों एवं नामित होने वालों पर कृपा बरसाई। इसके बाद गाजियाबाद जिले में पुराने और नये कार्यकर्ता आमने- सामने है। लेकिन इसी पार्टी के महानगर में महिला कार्यकर्ताओं ने जिस प्रकार एक दूसरी पर आरोपों की बौछार की उसने तो पूरी पार्टी को शर्मशार कर दिया।
दो दिन पहले इस पार्टी के महानगर कार्यालय में नारी शक्ति के कार्यक्रम में आरोपों की ऐसी बौछार हुई कि महिला कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की तो बात ही छोड़ो पुरूष कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी शर्मशार हो गये। महिला पदाधिकारियों ने पहले एक के चरित्र और उसके पार्टी के किस पदाधिकारी से कैसे संबंध है को लेकर आरोप लगाया तब दूसरी कैसे चुप रहती। उसने भी आरोप लगाने वाली को घेरे में ले लिया और उसके चरित्र की पोल खोलनी शुरू कर दी।
इस स्थिति में अन्य महिला कार्यकर्ता या तो तमाशबीन थी या यह सोचने को विवश हो रही थी कि क्या इस पार्टी में भी ऐसा होता है। वहीं अन्य महिलाएं खुद को भी शर्मिंदा महसूस कर रही थी कि आखिर इस पार्टी में हो क्या रहा है। एक कार्यकर्ता कहती है कि संगठन के पदाधिकारियों के चरित्र पर ऊंगली उठना निश्चित ही शर्मिंदा करने वाला है। इससे अच्छा है कि हम घर जाकर बैठ जायें।, वहीं दूसरी तरफ एक पुरूष पदाधिकारी का कहना है कि अनुशासन, सिद्धांत, नैतिकता, सांस्कृतिक मूल्य सभी तार तार हो गये कि पदाधिकारी ऐसे भी हैं।
सूत्र बताते हैं कि इस नारी युद्ध में बीच बचाव करने की किसी की हिम्मत नहीं हुई, पुरूष पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने अध्यक्ष के खौफ में थे कि पता नहीं वे कब क्या कह दें, वहीं महिलाएं तो शर्मशार हो रही थी। बाद में पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने दोनों के आगे हाथ जोड़कर उन्हें शांत किया। बहरहाल इसकी चर्चा अब तो क्षेत्र से लेकर लखनऊ तक के गलियारों में पहुंच गई है।
