अथाह ब्यूरो
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में महिलाएं- बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। महिलाओं के साथ बलात्कार, हत्या और दुश्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही है। भाजपा सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सम्मान के लिए कोई काम नहीं किया। महिलाओं को आरक्षण के साथ संरक्षण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद नारी विरोधी हैं। भाजपा सौ फीसदी महिलाओं के खिलाफ है। भाजपा सरकार ने महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया। महिलाओं से भेदभाव करती है। भाजपा समाजवादी पार्टी के खिलाफ झूठा प्रचार करती है।
बृहस्पतिवार को इटावा में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि जातीय जनगणना हो लेकिन भाजपा जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती है। जातीय जनगणना होने के बाद समाज में शोषित, वंचित और पीछे छूट चुके लोगों को उनका हक और सम्मान मिल सकेगा। भाजपा सरकार बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा संविधान में दिए गए आरक्षण को नहीं दे रही है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। भाजपा पीडीए विरोधी है।
एक सवाल के जवाब में यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक हार होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर भारी बहुमत से चुनाव जीतेंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में इटावा के साथ बड़े पैमाने पर भेदभाव किया है। भाजपा इटावा के विकास को रोककर बर्बाद करना चाहती है। भाजपा के भू माफियाओं ने इटावा की जमीनों पर कब्जा कर लिया है। नदियों और जंगल को बर्बाद कर दिया। भाजपा सरकार ने मंहगाई, बेरोजगारी बढ़ाकर लोगों के सामने संकट पैदा किया है। इस सरकार में किसान परेशानी में है। सरकार किसानों को पीड़ा दे रही है।
अखिलेश यादव आज इटावा के चकरनगर के श्री रामकृष्ण परम धाम में आयोजित 108 कुण्डीय महायज्ञ एवं भागवत कथा में शामिल हुए और आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि धर्म का रास्ता न्याय का रास्ता है। धर्म का रास्ता खुशहाली का रास्ता है। धर्म का रास्ता किसी के साथ भेदभाव नहीं करता है। उन्होंने कहा कि एक समय इटावा का इलाका बेहद दुर्गम माना जाता था। नेताजी और समाजवादी पार्टी की सरकार में आने के बाद इटावा और आस-पास के क्षेत्रों का बड़े पैमाने पर विकास हुआ। उसी का परिणाम है कि सड़कें और पुल बनें। एम्बुलेंस और डायल 100 की पुलिस गांव तक पहुंचने लगी थी।
