Dainik Athah

हौसले की मिसाल: रचना ने स्वरोजगार से लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से मिले 25 लाख के ऋण से शुरू किया कारोबार

स्वरोजगार के साथ-साथ अन्य 10 लोगों को भी दिया रोजगार

लखीमपुर-खीरी से शुरू हुआ माइक्रोनी और पास्ता बनाने का सफल उद्यम


अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
जब इरादे मजबूत हों और मेहनत करने का जज्बा हो तो विपरीत परिस्थितियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन पातीं। लखीमपुर-खीरी के संतोषनगर की रहने वाली रचना अग्रवाल ने अपने सपनों को हकीकत में बदलकर यह साबित कर दिया कि सही अवसर और दृढ़ निश्चय से कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है। इसके लिए वे योगी सरकार को खास तौर पर धन्यवाद देती हैं।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से मिला 25 लाख का संबल
रचना अग्रवाल ने हमेशा कुछ अलग करने और खुद का व्यवसाय स्थापित करने का सपना देखा था। उनका यह सपना पूरा करने में उनके पति ने अहम भूमिका निभाई । इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 2024 में आवेदन किया। योजना के तहत उन्हें 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसने उनके सपनों को पंख देने का काम किया।
इस आर्थिक सहयोग के बल पर रचना ने अपने पति की मदद से मैकरोनी और पास्ता बनाने का व्यवसाय लखीमपुर-खीरी में शुरू किया। शुरूआत में यह कदम चुनौतीपूर्ण जरूर था लेकिन रचना ने अपनी मेहनत, लगन और दूरदर्शिता से इस व्यवसाय को धीरे-धीरे मजबूत आधार दिया। आज उनका यह उद्यम न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि कई लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है।

10 लोगों को रोजगार देकर नई प्रेरणा बनीं रचना
इस योजना के बारे में उनके पति को जब पता चला, उन्होंने 2024 में इसके लिए आवेदन कर डीआईसी आॅफिस में जाकर इस योजना से जुड़े सभी दस्तावेज जमा कर दिए। उन्हें महीने भर के अंदर ही ऋण प्राप्त हो गया। व्यवसाय शुरू होने के बाद उन्होंने 10 अन्य लोगों को रोजगार भी दिया। उन्हें यह ऋण इंडियन बैंक से प्राप्त हुआ था। आवेदन की प्रक्रिया में डीआईसी आॅफिस और बैंक के अधिकारी ने भी उनका पूरा सहयोग किया। उन्होंने बताया की उनका व्यवसाय काफी अच्छा चल रहा है। इसके लिए वह सीएम योगी आदित्यनाथ को विशेष रूप से धन्यवाद देतीं हैं।
रचना की यह यात्रा सिर्फ एक व्यवसाय की शुरूआत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल है। उनका कहना है कि मध्यम वर्ग के लिए अगर सरकार के माध्यम से किसी योजना का लाभ मिल जाता है तो इससे उसको आर्थिक रूप से सहारा मिल जाता है। इतना ही नहीं, इस योजना में उन्हें कुल ऋण धनराशि का 35% सब्सिडी के रूप में प्राप्त हुआ। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर सरकार की योजनाओं का सही लाभ उठाया जाए और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो आप खुद आत्मनिर्भर बन सकते हैं ।

लखीमपुर-खीरी से शुरू हुआ माइक्रोनी निर्माण का सफल उद्यम
प्रदेश सरकार महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एमएसएमई विभाग के अंतर्गत ह्यमुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनाह्ण का संचालन कर रही है। इस योजना के माध्यम से हजारों युवाओं और महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन मिल रहा है। परिणामस्वरूप कई लोग छोटे स्तर से शुरूआत कर आज सफल उद्यमी बनकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर रहे हैं। इसी क्रम में रचना अग्रवाल का नाम एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में सामने आता है।
रचना ने योजना का लाभ उठाकर न केवल अपना व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ाया। सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ निश्चय और मेहनत के बल पर उन्होंने यह साबित किया कि यदि अवसर और कुछ हासिल करना चाहते हैं तो सफलता की राह खुद बन जाती है। उनकी यह कहानी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है कि स्वरोजगार केवल आर्थिक मजबूती का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और समाज में नई पहचान भी प्रदान करता है।


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