Dainik Athah

ट्रांसफॉर्मेशन : 1500 गांवों की महिलाओं ने किया साढ़े आठ सौ करोड़ का कारोबार

ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, छह जिलों की महिलाएं रोज कर रहीं पौने चार लाख लीटर दूध का कारोबार

एक लाख महिलाओं ने बनाया मजबूत ग्रामीण डेयरी नेटवर्क, इनमें 14,500 महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

जनपद अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर की महिलाओं ने अर्जित किया 14 करोड़ रुपये का लाभांश


अथाह ब्यूरो
लखनऊ
। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला शक्ति नई ऊर्जा बनकर उभरी है। छह जिलों की महिलाओं ने संगठित डेयरी मॉडल के जरिए न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति दी है। प्रदेश के अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर के करीब 1500 गांवों की एक लाख महिला सदस्यों ने सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से अब तक लगभग 850 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इस नेटवर्क से जुड़ी महिलाएं प्रतिदिन करीब पौने चार लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रही हैं, जिससे ग्रामीण डेयरी सेक्टर में स्थायी आय का मॉडल विकसित हुआ है। जो महिलाएं कभी सिर्फ घरेलू कामकाज तक सीमित रहती थीं, वे अब अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक उठा रही हैं।

लखपति दीदी बनीं बदलाव की पहचान
इन छह जिलों में डेयरी से जुड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इस काम से जुड़कर 14,500 महिलाएं लखपति दीदी भी बन चुकी हैं। इससे न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व भी मजबूत हुआ है। डेयरी से जुड़ी महिलाओँ को अब तक करीब 14 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किया जा चुका है। नियमित भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था ने महिलाओं का भरोसा बढ़ाया है और डेयरी को स्थायी आजीविका के रूप में स्थापित किया है।

आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम

इस पहल का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए गांवों में आय के नए स्रोत खड़े करना है। महिला-आधारित डेयरी नेटवर्क का यह मॉडल आने वाले समय में प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और गति देगा तथा महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगा।

1500 गांवों की महिलाओं द्वारा करीब 850 करोड़ रुपये का कारोबार उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। रोजाना लगभग पौने चार लाख लीटर दूध के कारोबार से गांवों में बेहतर नकदी प्रवाह बन रहा है। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की आत्म निर्भरता का यह एक बड़ा उदाहरण है।
प्रो. दीप्ति तनेजा, दिल्ली विश्वविद्यालय


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