Dainik Athah

यूपी में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 16 लाख निराश्रित गोवंश संरक्षित


योगी सरकार ने गोवंश के लिए किए ऐतिहासिक कार्य, पहले कभी नहीं मिली इतनी सुरक्षा-सहूलियत


योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरे प्रदेश में 7500 से ज्यादा गोआश्रय स्थल बनाए गए


हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन कर डीएम और एसएसपी को बनाया गया नोडल

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना तथा पोषण मिशन के अंतर्गत 1,13,534 पशुपालकों को 1,81,339 गोवंश दिए गए

अथाह ब्यूरो,
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। योगी सरकार ने अब तक देश में सबसे अधिक रिकॉर्ड 16.35 लाख निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया है। इससे पहले किसी भी राज्य में गोवंश संरक्षण को लेकर इतनी व्यापक, संगठित और प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई।योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक प्रदेशभर में 7500 से अधिक गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया। जहां निराश्रित गोवंश के लिए चारा, पानी, इलाज और देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यही नहीं, सरकार ने हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन करते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इसका नोडल अधिकारी बनाया, जिससे निगरानी और जवाबदेही मजबूत हुई।
*पशुपालकों को मिला सीधा लाभ*मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के अंतर्गत अब तक 1,13,534 पशुपालकों को 1,81,339 गोवंश उपलब्ध कराए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और पशुपालकों की आय में वृद्धि हुई। गोवंश संरक्षण को आजीविका से जोड़कर योगी सरकार ने इसे आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनाया है।
*गो तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई*सीएम योगी के नेतृत्व में गो तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी, वाहनों की जब्ती और नेटवर्क तोड़ने की कार्रवाई से प्रदेश में गोतस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ। इससे न केवल गोवंश सुरक्षित हुआ, बल्कि कानून-व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन सभी के लिए गोमाता सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। प्रदेश में गोसेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
*उत्तर प्रदेश आज गोवंश संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा*योगी सरकार ने गोवंश संरक्षण को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और मानवीय दायित्व के रूप में आगे बढ़ाया। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज गोवंश संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है।

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