फिल्म ‘गोदान’ को लेकर लोनी विधायक की प्रेस वार्ता
-गौ-संरक्षण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रखे विचार
-कहा: फिल्म भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गौ-महत्व को दर्शाती है,
-विरोध को बताया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत

अथाह संवाददाता,
गाजियाबाद/लोनी।
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि फिल्म ‘गोदान’ भारतीय संस्कृति में गाय और पंचगव्य के महत्व को रेखांकित करती है। उन्होंने बताया कि यह फिल्म गौ-संरक्षण का संदेश देती है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ मानव जीवन में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देती है, जो वर्तमान समय की आवश्यकता है।
विधायक ने कहा कि फिल्म के विरोध को वे लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ मानते हैं। उनके अनुसार, संविधान सभी को अपनी बात रखने का अधिकार देता है, लेकिन किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या डर का माहौल बनाना उचित नहीं है।
लोनी विधायक ने कहा कि गाय को सनातन धर्म मां मानता है, गाय को बचाना भारत को बचाना है, उन्होंने कहा कि कुछ कट्टरपंथी मौलवी इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो विरोध कर रहे हैं वह वह तस्कर हैं। ऐसे लोगों का विरोध समाज को करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की की गाय को राज्य माता का दर्जा दिया जाए। वही उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाय के लिए अनेकों काम किए हैं, उत्तर प्रदेश में भी अनेकों जगह गाय संरक्षक और गौशालाओं के लिए अनेकों कार्य किया जा रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सिनेमा घरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि दर्शक बिना किसी बाधा के फिल्म देख सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
नंदकिशोर गुर्जर ने फिल्म निर्माता विनोद चौधरी और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक साहसिक और समाजोपयोगी विषय को सामने रखा है। उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों से अपील की कि वे फिल्म देखें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में सहयोग करें। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी की विरोधियों के खिलाफ उनकी टीम और हिंदू संगठन हर चुनौती के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में सौहार्द, शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सभी की साझा जिम्मेदारी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।
