अथाह ब्यूरो
नयी दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं है। भाजपा ‘जन-तंत्र’ को ‘धन-तंत्र’ मानकर सिर्फ दोहन और दमन में विश्वास करती है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में एक सड़क बनने को लेकर जब सालों से कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों ने जिलाधिकारी के कार्यालय पर प्रभावशाली प्रदर्शन करके दिखा दिया कि ‘भाजपा का अहंकारी शासन-प्रशासन’ यदि जनता तक नहीं पहुँचेगा तो जनता उन तक पहुँच जाएगी।
यादव ने कहा कि भाजपाई ऊपर-से-नीचे का जो ‘एकतंत्र बनाना’ चाहते हैं, वो अब और नहीं चलेगा। जन-प्रतिनिधि हो या लोक सेवक, अब सबको ये समझना ही होगा कि ‘लोकतंत्र’ नीचे-से-ऊपर की ओर जाता है। अब हमारा यही समाजवादी मूल्य सबको अपनाना ही होगा कि ‘समाज के लिए सत्ता है’। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा सत्ता के लिए समाज का दुरुपयोग करती है जबकि समाजवादी सिद्धांत कहता है कि समाज के उत्थान और कल्याण के लिए सत्ता का सदुपयोग किया जाना ही शासन-प्रशासन के औचित्य को सिद्ध करता है। यदि जन-कल्याण नहीं तो सरकार नहीं।
इसके साथ ही बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जहां-जहां भाजपा सरकार है, वहां महा भ्रष्टाचार है। भाजपा सरकार में जितने भी काम हुए उसमें कमीशनखोरी और बजट की लूट हुई। जेवर एयरपोर्ट पर पानी भर गया। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर गड्ढ़े बन गये। जल जीवन मिशन में पानी की टंकियां गिर गयी। अयोध्या राममंदिर में चढ़ावा चोरी हो गया। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। इतना सब कुछ हो रहा है लेकिन किसी की कोई जवाबदेही नहीं है।
यादव ने एफसीआरए बिल को लेकर कहा कि पूरा विपक्ष एफसीआरए बिल के खिलाफ है। इस सरकार का हर बिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ होता है।
