नये साल में भाजपा में शुरू हुई बदलाव की सुगबुगाहट
पार्षदों, निगमों में होगी नयी नियुक्तियां
मंत्रिमंडल में होगा फेरबदल, प्रदेश संगठन में दिखेगा बड़ा बदलाव
अशोक ओझा
लखनऊ। 14 जनवरी को मकर सक्रांति का पर्व है। मकर सक्रांति की भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को प्रतीक्षा थी। हो भी क्यों न जब सरकार के साथ ही प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव होना हो। अब दो दिन बाद सबसे पहले प्रदेश सरकार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद बारी संगठन की आयेगी। बदलाव की रूपरेखा तय करने से पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी अयोध्या में रामलीला के दर्शन कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ एवं गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किये थे।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी में बड़े बदलाव की रूपरेखा तो तभी बन चुकी थी जब पार्टी को पंकज चौधरी के रूप में नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया। प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होने के बाद मुख्यमंत्री निवास पर जहां कोर कमेटी की बैठक संपन्न हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्टÑीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी की प्रधानमंत्री के साथ बैठक करीब एक घंटा चली। इस बैठक में संगठन से लेकर मंत्रिमंडल में बदलाव तक पर विचार विमर्श हो चुका है। सूत्र बताते हैं कि मकर सक्रांति के बाद कभी भी यह सुनने को मिल सकता है कि आज मंत्रिमंडल में फेरबदल होना है।
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मंत्रिमंडल में बदलाव के बाद होगी प्रदेश संगठन में बदलाव की शुरूआत
भाजपा सूत्रों के अनुसार पहले मंत्रिमंडल में बदलाव होगा, इसके बाद प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पार्टी ऐसे पदाधिकारियों को चिन्हित कर रही है जो सक्रिय है और निष्क्रिय। सक्रिय पदाधिकारियों को एक मौका और मिल सकता है, जबकि ऐसे पदाधिकारी जो पद लेकर केवल पार्टी पर बोझ बन रहे हैं उनसे पार्टी छुटकारा चाहेगी। ऐसे में वर्तमान के सभी पदाधिकारी प्रदेश अध्यक्ष के सामने नंबर बढ़ाने का खेल खेल रहे हैं। लेकिन यह नहीं पता कि कितने पदाधिकारी अपनी कुर्सी को बचा पायेंगे। संगठन में से कुछ लोगों को मंत्रिमंडल में भेजने की भी चर्चा है।
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नगर निकायों में पार्षदों- सभासदों को किया जाना है नामित
भाजपा सूत्रों के अनुसार इसके साथ ही प्रदेश के नगर निगमों में पार्षदों एवं नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में सभासदों को नामित भी किया जाना है। अब इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है कि जो नाम पूर्व में प्रदेश संगठन को भेजे गये हैं उनमें से ही नामित होंगे अथवा नये सिरे से जिलों से सूची मांगी जायेगी। सूत्र बताते हैं कि अभी तक इसको लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है, यहीं कारण है कि जिलों से नये सिरे से नाम भी नहीं मांगे गये हैं।
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निगमों में आयोगों में भी होनी है नियुक्ति
भाजपा सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव में अब जबकि करीब एक वर्ष का ही समय बचा है ऐसे में निगमों एवं आयोगों में खाली पड़े पदों को भरा जाना है। कार्यकर्ताओं का भी संगठन पर दबाव है कि यदि खाली पदों को अब भी नहीं भरा गया तो कब भरा जायेगा। ऐसे में संगठन भी सरकार पर दबाव बनायेगा कि जहां भी कार्यकर्ताओं को नामित किया जाना है इस कार्य को जल्द किया जाये जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हो सके।
