Dainik Athah

उत्तर प्रदेश बन रहा है देश का उभरता दूरसंचार पावरहाउस

मोबाइल कनेक्टिविटी में उत्तर प्रदेश पूर्व और पश्चिम बने उपभोक्ता गतिविधि के प्रमुख केंद्र

नवंबर 2025 में यूपी पूर्व में 1.97 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम में 1.35 मिलियन पोर्टिंग अनुरोध दर्ज

योगी सरकार का विकास मॉडल, त्वरित गति से हो रहा है औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास



अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में दूरसंचार क्षेत्र की तेजी से प्रगति हो रही है। प्रदेश में मोबाइल, ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवाओं का विस्तार शहरी के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में मजबूती से हो रहा है। इस विस्तार का सबसे बड़ा कारण सरकारी नीतिगत समर्थन और निजी निवेश है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र का त्वरित गति से दायरा बढ़ता जा रहा है। इसी का परिणाम है कि देश के अग्रणी दूरसंचार बाजारों में उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से शामिल है। योगी सरकार के विकास मॉडल से प्रदेश के डिजिटल क्षेत्र को नया आयाम मिल रहा है।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 में देश भर में कुल वायरलेस मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या 1173.88 मिलियन रही। अक्टूबर 2025 में यह संख्या 1171.87 मिलियन था। इसमें उत्तर प्रदेश पूर्व और उत्तर प्रदेश पश्चिम दोनों लाइसेंस्ड सेवा क्षेत्रों की भागीदारी विशेष रही है। उपभोक्ता गतिविधि के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बना हुआ है। नवंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश पूर्व में 1.97 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम में 1.35 मिलियन पोर्टिंग अनुरोध दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़े यह दशार्ते हैं कि प्रदेश में मोबाइल सेवाओं की मांग अधिक है।
फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस विशेष कर 5-जी आधारित सेवाओं में उत्तर प्रदेश की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। नवंबर 2025 के अंत तक देश में कुल 5-जी एफडब्ल्यूए उपभोक्ताओं की संख्या 10.41 मिलियन दर्ज की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश पूर्व में 0.79 मिलियन और उत्तर प्रदेश पश्चिम में 0.62 मिलियन उपभोक्ता शामिल हैं। केवल एक महीने के भीतर इन दोनों क्षेत्रों में हजारों नए उपभोक्ताओं का जुड़ना यह संकेत देता है कि सरकार की डिजिटल कनेक्टिविटी नीति का लाभ आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। दूर-दराज के गांवों में भी हाई स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर खोल रही है।
वायरलाइन सेवाओं के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने स्थिर वृद्धि दर्ज की है। नवंबर 2025 के अंत तक देश में कुल वायरलाइन उपभोक्ताओं की संख्या 47.05 मिलियन रही। उत्तर प्रदेश में सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और शहरी आवासीय क्षेत्रों में वायरलाइन कनेक्शन की मांग बनी हुई है। योगी सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस सेवाओं को व्यापक रूप से लागू किए जाने से विश्वसनीय और सुरक्षित कनेक्टिविटी की आवश्यकता बढ़ी है जिससे वायरलाइन नेटवर्क को मजबूती मिली है। सक्रिय मोबाइल उपभोक्ताओं के मामले में भी प्रदेश की स्थिति सशक्त बनी हुई है। अक्टूबर की तुलना में नवंबर 2025 तक में देश भर में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं में से 1090.91 मिलियन उपभोक्ता सक्रिय पाए गए। आॅनलाइन सरकारी सेवाएं, डिजिटल भुगतान, ई-शिक्षा और टेली मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की भूमिका लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक विकास का प्रमुख माध्यम बनाया है। आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार, मोबाइल टावरों की संख्या में वृद्धि और 5-जी तकनीक को बढ़ावा देने से उत्तर प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *