Dainik Athah

प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन में योगी सरकार का कोई सानी नहीं

  • योगी सरकार की नीतियों के चलते महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित स्थान के रूप में पहचान बना रहा है यूपी
  • महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन के लिए लगातार कार्य कर रही है योगी सरकार

अथाह ब्यूरो
लखनऊ
। देश के कई हिस्सों में महिलाओं के साथ रेप, अपराध और शोषण की खबरें मिल रही हैं। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश महिलाओं के लिए न सिर्फ सबसे सुरक्षित स्थान के रूप में अपनी पहचान बना रहा है, बल्कि योगी सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए लगातार कार्य कर रही है। योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए बीते 6 वर्षों में शोहदों, अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जो बदस्तूर जारी है। इसके अलावा मिशन शक्ति के तहत प्रदेश की महिलाओं को पिछले 6 वर्षों में रोजगार, स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इससे जहां महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में वह अपनी भूमिका निभा रही हैं।

महिला अपराधों को लेकर सजग है योगी सरकार
महिलाओं एवं बेटियों से संबंधित अपराधों को लेकर सीएम योगी किस तरह सजग हैं, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मुख्यमंत्री स्वयं महिला अपराधों को लेकर लगातार मॉनिटरिंग करते रहे हैं। वहीं मुख्य सचिव द्वारा हर माह समीक्षा बैठक और डीजीपी द्वारा पुलिस अधिकारियों को समय-समय पर इन अपराधों को लेकर जारी दिशा-निदेर्शों से ऐसे अपराधों पर नियंत्रण लाने में काफी हद तक सफलता मिली है। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन ने 4 अगस्त तक महिला अपराध संबंधी मामलों को 98.10 प्रतिशत तक निस्तारित कर पूरे देश में उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह लंबित इन मामलों के निस्तारण में भी पूरे देश में उत्तर प्रदेश ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि इन मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच के मामलों में पूरे देश में उत्तर प्रदेश पांचवें स्थान पर है। महिला संबंधी अपराधों पर नकेल कसने के लिए शक्ति मोबाइल, महिला हेल्पडेस्क 1090, महिला पुलिस बीट व महिला बीट पुलिस अधिकारी की नियुक्ति, महिला रिपोर्टिग पुलिस चौकी परामर्श केन्द्र की स्थापना की गयी है।

1 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को 8 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ गया
पिछले 6 वर्षों में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अब एक करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 8 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों, 54657 ग्राम संगठनों एवं 2935 संकुल स्तरीय संघों से जोड़ा गया है। अब तक 5,94,456 स्वयं सहायता समूहों को 891.68 करोड़ रिवॉल्विंग फंड तथा 4,10,610 स्वयं सहायता समूहों को 4516.71 करोड़ रुपये सामुदायिक निवेश निधि से लाभान्वित किया है। योगी सरकार द्वारा पिछले 6 वर्षों में 3.75 लाख स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को आजीविका की दिशा में 3339 करोड़ से अधिक के ऋण उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं बुंदेलखंड में 3600 स्वयं सहायता समूह की 69 हजार से अधिक महिलाओं को बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से जोड़ा गया है, जो वर्तमान में प्रतिदिन 2.24 लाख लीटर दूध का संग्रह कर डेयरी सेक्टर को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रही हैं। मिशन शक्ति के तहत पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान (पीआरआईटी) द्वारा वर्तमान में 25 जिलों में लगभग 3693 महिला प्रधानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं विभिन्न चरणों में प्रदेश की 26 हजार से अधिक महिला ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण दिया जाना है।

शिक्षा से लेकर बेटियों की शादी तक का रखा जा रहा ध्यान
बालिकाओं को शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं को 15000 रु. की आर्थिक सहायता छह चरणों में प्रदान की जा रही है। इस योजना से 13.67 लाख बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं। वहीं निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत प्रति लाभार्थी 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। अब तक 31.50 लाख महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक के साथ ही सामान्य वर्ग के निर्धन परिवार भी आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ विधवा और तलाकशुदा भी उठा सकते हैं। अब तक कुल 191686 जोड़े योजना का लाभ उठा चुके हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जननी और उसके बच्चे की देखभाल के लिए 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। पहले चरण में 1,000 रुपये, दूसरे चरण में 2,000 रुपये और तीसरे चरण में 2,000 रुपये गर्भवती महिलाओं को दिए जाते हैं। शेष 1000 रुपये की आर्थिक सहायता तब मिलती है, जब गर्भवती महिला बच्चे को किसी अस्पताल में जन्म देती हो या जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थी हो। इसका अब तक 5255129 माताएं लाभ उठा चुकी हैं।

योगी सरकार इन योजनाओं से महिलाओं को बना रही आत्मनिर्भर
बीसी सखी, स्टार्टअप विलेज इंटर प्रोन्योरशिप प्रोग्राम, प्रेरणा ओजस्व, आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना एवं कृषि आजीविका, प्रेरणा कैंटीन, उत्पादक समूह, महिला सामर्थ्य योजना, झलकारी बाई, बदायुनी महिला प्रोड्यूसर कंपनी, काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी, दिव्यासंगम, जरकला हस्तशिल्प महिला प्रोड्यूसर कंपनी, थारू हस्तशिल्प वैल्यू चैन, प्रेरणा क्लस्टर वैल्यू चैन आदि योजनाएं चलाए जा रही हैं।


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