Dainik Athah

निपुण भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे ‘मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट’

  • जिले के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव्स के साथ मिलकर पूरे जिले में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक चुनौतियों को हल करने में करेंगे मदद
  • उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन के क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने के लिए काम करेंगे मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट
  • योगी सरकार हर जिले में दो-दो और कुल 150 मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट की करेगी नियुक्ति, बेसिक शिक्षा विभाग ने मांगे आवेदन

अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को मूलभूत भाषा एवं गणित कौशल में निपुण बनाने के लिए योगी सरकार ‘मुख्यमंत्री निपुण भारत सहयोगी’ के माध्यम से शिक्षा सुधार की अपनी पहल को मूर्त रूप देने जा रही है। मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट जिले के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव्स के साथ मिलकर पूरे जिले में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक चुनौतियों को हल करने और निपुण भारत मिशन के क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने के लिए काम करेंगे। इसके अतिरिक्त वह सीएमएनबीए की दिन-प्रतिदिन की जिम्मेदारियों का भी हिस्सा बनेंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने हर जिले में दो-दो और कुल 150 मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट की नियुक्ति का निर्णय लिया है। इसके लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन भी मांगे गए हैं।

ये होगी मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट की जिम्मेदारी

  • -निपुण पर जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर की प्रगति को ट्रैक करना।
  • -सरकारी हितधारकों के साथ सहयोग करके खराब प्रदर्शन करने वाले ब्लॉकों, स्कूलों के लिए सुधारात्मक उपाय तैयार करना।
  • -फील्ड अधिकारियों के साथ सहयोग करके दिन-प्रतिदिन के मुद्दों को दूर करना।
  • -नियमित कार्यशालाओं के माध्यम से सभी फील्ड अधिकारियों को क्षमता निर्माण और मेंटरशिप सहायता प्रदान करना।
  • -नियमित रूप से गुणवत्ता डेटा-समर्थित समीक्षाओं को चलाने में सरकारी हितधारकों की मदद करना।

मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट को ये मिलेंगे लाभ
-30,000 रुपए का मासिक वजीफा।
-10,000 रुपए प्रति माह का आवास और चिकित्सा भत्ता।
-सहयोगियों को उनके आवंटित जिले में एक लैपटॉप और एक पूल कार भी प्रदान की जाएगी।

कौन बन सकता है मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट?
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ऐसे युवा जो जिले के शिक्षा परिणामों में सुधार के लिए जिम्मेदारी ले सकते हों। साथ ही 24 घंटे काम करने में सक्षम हों और राज्य की विकास यात्रा में सार्थक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हों। जटिलता और अस्पष्टता को नेविगेट करने में माहिर हों और सरकारी हितधारकों के साथ सहयोग करके दिन-प्रतिदिन की चुनौतियों को सक्रिय रूप से दूर करने में सक्षम होने के लिए नेतृत्व कौशल रखने वाले युवाओं को इसके योग्य माना जाएगा। जहां तक योग्यता की बात है तो इसमें यूजी-पीजी के साथ कार्य अनुभव रखने वाले और एनआईआरएफ टॉप-100 रैंकिंग वाले विश्वविद्यालय, कॉलेज के 60 फीसदी अंकों के साथ पास युवा आवेदन कर सकते हैं। इन्हें हिंदी और अंग्रेजी भाषा में मौखिक व लेखन में विशेषज्ञता होनी चाहिए।

क्या है मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट योजना?
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने 2021 में देश भर में प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों के बीच सार्वभौमिक मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता प्राप्त करने के लिए निपुण भारत मिशन शुरू किया था। निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग ने नॉलेज पार्टनर के रूप में आईआईएम, लखनऊ के साथ एक राज्यव्यापी शिक्षा परिवर्तन पहल मुख्यमंत्री निपुण भारत एसोसिएट्स शुरू की है। इस कार्यक्रम के तहत, निपुण भारत मिशन के सफल कार्यान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 150 सहयोगियों का एक समूह रखा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय का छात्र 2025-26 तक मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक कौशल में कुशल हों। इच्छुक उम्मीदवार इस वेबसाइट ६६६.ूेल्लुं.्रल्ल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।


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