Dainik Athah

मतदाताओं की खामोशी से बढ़ रही प्रत्याशियों की धड़कन

  • निकाय चुनाव का मतदान संपन्न, अब हारजीत का लगने लगा गणित
  • गाजियाबाद में भाजपा का सीधा मुकाबला रहा सपा से
  • खोड़ा, मुरादनगर नगर पालिका में कड़ा संघर्ष
  • मोदीनगर में मजबूत दिख रही भाजपा

अथाह संवाददाता
गाजियाबाद।
गाजियाबाद जिले में निकाय चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण का मतदान होने के बाद अब हारजीत का गणित लगने लगा है। मतदान के बावजूद मतदाताओं की चुप्पी ने प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी है। हालांकि सभी अपने अपने जीत के दावे कर रहे हैं।
गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र में मतदान प्रतिशत कम रहने के कारण प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की चिंता बढ़ने लगी है। गाजियाबाद नगर निगम को देखा जाये तो महापौर पद पर भाजपा की सुनीता दयाल का सीधा मुकाबला सपा गठबंधन की प्रत्याशी पूनम यादव से नजर आ रहा है। पहाड़ी वोटर इस चुनाव में भाजपा से छिटकते नजर आ रहे हैं। उनका बड़ा हिस्सा कांग्रेस और आप के साथ जाने का अनुमान है। यदि ऐसा होता है तो भाजपा को झटका लगेगा, वहीं मुस्लिम मतों का झुकाव जिस तरफ भी हो गया वह कुछ भी उलटफेर कर सकता है। हालांकि मुस्लिम मतों का झुकाव सपा की पूनम यादव की तरफ माना जा रहा है।
मोदीनगर में भाजपा के विनोद जाटव वैशाली से सभी दल अपना मुकाबला मान कर चल रहे हैं। अब यह समय बतायेगा कि आखिर भाजपा से टक्कर किस प्रत्याशी की रही। सबसे मजेदार चुनाव लोनी का रहा है। यहां पर भाजपा को अपने कंधों पर लादकर विधायक नंद किशोर चलते दिखे। यहां पर निवृतमान चेयरमैन रालोद- सपा गठबंधन की रंजीता धामा का मुकाबला भाजपा की पुष्पा प्रधान से नजर आ रहा है। दोनों पक्ष अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। यहां पर भाजपा नेताओं के चेहरे पर नजर आ रहा तनाव कुछ और ही कह रहा है। लोनी में गुर्जर मतदाता जिस भी प्रत्याशी को मिलेंगे उसका भारी मतों से जीतना निश्चित है। हालांकि पिछले दिनों भाजपा के गुर्जर नेता विधायक नंद किशोर गुर्जर के खिलाफ बयान देते नजर आये।
बात यदि मुरादनगर सीट की करें तो यहां के मतदाताओं की चुप्पी ने तीनों प्रमुख प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी है। यहां पर भाजपा की रमा देवी, बसपा की छम्मी चौधरी और निर्दलीय रेखा अरोड़ा के बीच मुकाबला माना जा रहा है। शाम को मतदान के दौरान हुए पथराव को देखें तो यह इस तरफ इशारा करता है कि यहां का चुनाव फंस चुका है।
खोेड़ा- मकनपुर नगर पालिका में भाजपा प्रत्याशी और निवृतमान चेयरमैन रीना भाटी का सीधा मुकाबला पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा की पत्नी मोहिनी से है। यहां पर भी मतदाताओं ने खामोशी ओढ़ी हुई है। अब देखते हैं ऊंट किस करवट बैठता है।
नगर पंचायतों में देखा जाये तो वहां मतदान फीसद बढ़ा है। लेकिन वहां पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। मतदाताओं के मन में क्या था इसका पता शनिवार को ही लग पायेगा।


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